पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने लगाई शांति की गुहार, कहा- जंग किसी के हित में नहीं
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पाक पीएम इमरान खान ने कहा, 'पुलवामा हमले के बाद हमने भारत के सामने शांति का प्रस्ताव रखा था। हमने भारत के समक्ष प्रस्ताव रखा कि हम मामले की जांच करेंगे। हम तब भी सहयोग के लिए तैयार थे और अब भी तैयार हैं। मुझे डर था कि भारत कोई कार्रवाई करेगा इसीलिए मैंने भारत को आक्रामकता दिखाने के खिलाफ चेताया था।'
'स्थितियां बिगड़ीं तो न मोदी संभाल पाएंगे न मैं'
उन्होंने कहा, 'हमारी कार्रवाई सिर्फ यह संदेश देने के लिए थी कि यदि आप हमारे देश में जबरन घुस सकते हैं तो हम भी ऐसा करने में सक्षम हैं।' खान ने आगे कहा, 'सभी युद्ध गलत हैं और कोई नहीं जानता कि युद्ध हमें किस स्थिति में ले जाएंगे। पहले विश्वयुद्ध को कुछ हफ्तों में खत्म हो जाना था लेकिन इसे समाप्त होने में छह साल लग गए, इसी तरह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को 17 साल तक नहीं चलना चाहिए था।'
इमरान ने कहा, 'मैं भारत से पूछता हूं, जो हथियार आपके पास हैं और जो हथियार हमारे पास हैं, क्या हम गलती बर्दाश्त कर पाएंगे? हम उस दर्द को समझते हैं जो आपने पुलवामा में सहा और हम जांच व सहयोग के लिए तैयार हैं। यदि स्थितियां बिगड़ती हैं तो यह न मेरे नियंत्रण में रह जाएगा न मोदी के।' अपने वक्तव्य के अंत में इमरान खान ने कहा, 'आइए हम साथ बैठते हैं और इसे बातचीत के जरिए सुलझाते हैं।'