पाक अदालत ने दिया मानसिक रूप से बीमार कैदी को फांसी पर लटकाने का आदेश
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पाकिस्तान की एक अदालत ने बुधवार को मानसिक रूप से बीमार कैदी खिजेर हयात को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया है। शिजोफ्रेनिया जैसी बीमारी से जूझ रहे इस कैदी को अपने सहयोगी पुलिस अधिकारी की हत्या के मामले में 2003 में फांसी की सजा सुनाई गई थी।
मानवाधिकार संगठनों के भारी विरोध के बावजूद पाक अदालत ने हयात को फांसी पर लटकाने का फरमान सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नजीर अहमद गजना ने 55 वर्षीय हयात के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया है। उसको 17 जनवरी को फांसी दी जानी है।
पाक शीर्ष अदालत ने शिजोफ्रेनिया को मानसिक बीमारी मानने से मना कर दिया
मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में लंबित होने के बावजूद लाहौर सेंट्रल जेल के अधिकारियों जिला एवं सत्र न्यायालय के आदेश को आदेश बढ़ा दिया है। गैर लाभकारी संगठन जस्टिस प्रोजेक्ट पाकिस्तान (जेपीपी) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 31 अक्तूबर को लाहौर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले में गृहमंत्रालय, पंजाब सरकार और लाहौर सेंट्रल जेल के अधीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
अभी तक पंजाब सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया जाना बाकी है, जिसके चलते फिलहाल यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है। पाक में मानसिक रूप से बीमार अपराधियों को छूट का प्रावधान है, लेकिन पाक की शीर्ष अदालत ने हाल ही में शिजोफ्रेनिया को मानसिक बीमारी मानने से इनकार कर दिया था।