पाक कोर्ट ने रद्द की हाफिज सईद को नजरबंद न रखने की याचिका
मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद को अगले आदेश तक नजरबंद रखा जाएगा। लाहौर में स्थानीय अदालत ने हाफिज को नजरबंद न रखने की याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया है।
हाफिज के वकील ने मांगा एक हफ्ते का समय
हाफिज के वकील ए के डोगर ने अदालत से अपील करते हुए एक हफ्ते का समय मांगा है ताकि वो एक दूसरी याचिका को दाखिल कर सकें।
हाफिज के वकील ने कहा कि सरकार ने अवैध तरीके से नजरबंद करने का आदेश दिया है। ज्ञात हो कि पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते हाफिज सईद को नजरबंद करने का आदेश दिया था।
कश्मीर मसले से जोड़ी हाफिज की नजरबंदी
विदेशी ताकतों के आगे झुकी सरकार
वकील ने अदालत से कहा कि हाफिज सईद की वजह से ही कश्मीर का मुद्दा अभी तक जिंदा है। इस मुद्दे को खत्म करने के लिए विदेशी ताकतें पूरी तरह से सरकार पर जोर बना रही हैं और उन्हीं के कारण सरकार ने दवाब में आकर के हाफिज को नजरबंद करने का आदेश सुनाया है।
देश भी नहीं छोड़ सकता है हाफिज
हुसैन ने कोर्ट से कहा कि वो उनकी याचिका को जल्द से जल्द स्वीकार करके सुनवाई करे, ताकि हाफिज को नजरबंदी से आजादी मिल सके।
हाफिज के अलावा उसके चार अन्य साथियों को पाक सरकार ने 30 जनवरी को आतंकरोधी कानून के तहत नजरबंद करने का आदेश दिया था।
हाफिज और 37 अन्य आतंकियों को पाक सरकार ने देश छोड़ने से पाबंद किया हुआ है।