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भारत और ईरान की दोस्ती से बढ़ी पाकिस्तान की चिंता

Sat, 02 Dec 2017 06:21 PM IST
एजेंसी/इस्लामाबाद
एजेंसी/इस्लामाबाद Updated Sat, 02 Dec 2017 06:21 PM IST
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on India Iran friendship pakistan tension increased
Shahid Khaqan Abbasi

पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अफगानिस्तान के साथ ईरान के चाबहार बंदरगाह से होते हुए एक नया अंतरराष्ट्रीय यातायात मार्ग स्थापित करने का फैसला लिया है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी रविवार को इस परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे।

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इस यातायात मार्ग को लेकर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। विश्लेषकों के मुताबिक पाकिस्तान इस बात को लेकर चिंतित है कि ईरान से होने वाला यह समझौता दक्षिण एशिया में पाकिस्तान की जरूरत खत्म काफी कम कर सकता है।
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पाक प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी के हवाले से डॉन ने लिखा है कि भारत द्वारा अफगानिस्तान के मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है। हालांकि पाक विश्लेषकों ने इस बात पर चिंता भी जताई है कि पाक सरकार इस मामले पर कोई कूटनीतिक कोशिशें नहीं कर पाई है, क्योंकि इस नये मार्ग के खुलने से भारत-ईरान-अफगानिस्तान के बीच सिर्फ कारोबारी समीकरण ही नहीं बनेंगे, बल्कि इससे राजनयिक और ईरान सीमा से लगे कतर, तुर्की और अन्य देशों के साथ भी नये रास्ते खुल जाएंगे। 

ईरान इस नये मार्ग को लेकर काफी उत्साहित है, क्योंकि भारत से जो माल पहले पाकिस्तान होते हुए सीधे अफगानिस्तान जाता था वह अब जहाजों के जरिए पहले ईरान के चाबहार बंदरगाह पर जाएगा और फिर वहां से ट्रकों द्वारा अफगानिस्तान पहुंचेगा।


भारत इस रास्ते का इस्तेमाल अफगानिस्तान को मदद के बतौर 11 लाख टन गेहूं की एक मुफ्त खेप भेजकर कर चुका है। पाकिस्तान के अखबार द नेशन ने चिंता जताई है कि भारत की कोशिश है कि अफगानिस्तान सरकार उसके प्रभाव में बनी रहे, जबकि भारत इस रास्ते के माध्यम से पाकिस्तान को दो-दो सीमाओं पर घेरने की कोशिश भी कर सकता है। 

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हालांकि एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने लिखा है कि यह मार्ग भारत के लिए बहुत आसान साबित नहीं होगा, क्योंकि ईरान को लेकर अमेरिका के रिश्तों में पहले जैसी मिठास नहीं रही है। यदि अमेरिका-ईरान के बीच रिश्ते बिगड़ते हैं तो ईरान के पास सिर्फ चीन के पास जाना ही मजबूत विकल्प होगा। ऐसे में भारत को ईरान के साथ रिश्तों की इबारत दोबारा लिखनी पड़ सकती है।

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