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पाकिस्तान पहुंच कर सिद्धू बोले- दोस्ती की नींव रखेगा करतारपुर कॉरिडोर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 27 Nov 2018 03:37 PM IST
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navjot singh sidhu
- फोटो : ani
भारतीय क्रिकेट टीम के धुरंधर बल्लेबाज और कमेंटेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू मंगलवार को करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रखने पाकिस्तान पहुंच गए हैं। पाकिस्तान पहुंचकर नवजोत मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान पाकिस्तानी मीडिया ने नवजोत सिंह सिद्धू से उनके पाक सेना प्रमुख से गले मिलने के मुद्दे को उठाया जिसपर उन्होंने बेबाकी से कहा कि हम दोनों की झप्पी कुछ सेकेंड के लिए थी।
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झप्पी के बहाने नवजोत सिंह ने भारत में अहम मुद्दा बने राफेल डील का मुद्दा उठा दिया और कहा कि जब दो पंजाबी मिलते हैं तो आमतौर पर दोनों गले मिलते हैं। यह पंजाबियों के मिलने का तरीका है यह कोई राफेल डील नहीं है।
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पाकिस्तानी मीडिया से मुखातिब सिद्धू ने करतार पुर कॉरिडोर में असीम संभावनाएं बताते हुए कहा कि मुझे लगता है कि यह कॉरिडोर भारत और पाकिस्तान के बीच की दुश्मनी को खत्म करने में अहम किरदार निभा सकता है। यह दोनों देशों को जोड़ने और शांति बहाल करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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नवजोत सिंह ने कहा कि इस कॉरिडोर में असीमित सम्भावनाएं हैं जिसमें शांति, समृद्धि के साथ- साथ व्यापार के माध्यम भी खुलेंगे। पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिद्धू पाकिस्तान के लिए अटारी-वाघा बॉर्डर पार किया। नवजोत सिद्धू को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने आमंत्रित किया है। मौका पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रखने का है।
I feel that this corridor will be a bridge and erase enmity. It will increase people to people contact and bring peace. It is my belief that there are possibilities in it: Navjot Singh Sidhu in Lahore on #KartarpurCorridor pic.twitter.com/tAzUbDrXP0
— ANI (@ANI) November 27, 2018
पाकिस्तान में कल यानी 28 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास समारोह आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए पाकिस्तान सरकार ने भारत की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज को भी बुलावा भेजा था जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया था। लेकिन सिद्धू क्रिकेट के जमाने से उनके दोस्त रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से दोस्ती निभाने एक बार फिर से कॉरिडोर शिलान्यास कार्यक्रम के आयोजन के एक दिन पहले ही पाकिस्तान पहुंच गए हैं।
सिद्धू 26 नवंबर को भारत में हुए करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास समारोह में शामिल नहीं हुए थे। डेरा बाबा नानक में हुए समारोह के समय वह उसी जगह मौजूद थे, लेकिन उसमें नहीं गए।
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कॉरिडोर का मतलब बिना वीजा कर सकेंगे दर्शन
कॉरिडोर बनने के बाद भारत के लोग बिना वीजा के गुरुद्वारा साहिब में जाकर माथा टेक सकेंगे।
सरकार करतारपुर में रेलवे स्टेशन के निर्माण के लिए भी जमीन भी उपलब्ध कराएगी। रेल मंत्री ने गुरु नानक देव जी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भारतीय सिखों के शामिल होने के बाद लाहौर से विशेष ट्रेनों से रवाना होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही। उनका यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब भारत और पाकिस्तान ने पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान के करतारपुर में दरबार साहिब को जोड़ने के लिए गलियारा बनाने की बात कही है।
अहमद ने कहा कि पाकिस्तान रेलवे ने करतारपुर और ननकाना साहिब में 10-10 एकड़ जमीन तथा नरोवाल में सिख संगठनों को पांच सितारा होटल बनाने के लिये पांच एकड़ जमीन की पेशकश की है। ननकाना साहिब से करतारपुर तक के लिए ट्रेनें चलेंगी और सभी धार्मिक स्थलों के निकट होटलों का निर्माण होगा।
पर नवजोत सिद्धू मान गए थे
वहीं पाकिस्तान के न्योते पर पंजाब सरकार में मंत्री नवोजत सिद्धू ने तत्परता दिखाई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के निमंत्रण का जवाब देते हुए नवजोत सिंह सिद्धू कहा कि, मैं इस ऐतिहासिक अवसर पर आपसे मिलने के लिए तत्पर हूं। पाक पहंचने के लिए मेरा आवेदन अब विदेश मंत्रालय में अनुमति के लिए पहुंच गया है। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि यह दोनों सरकारों द्वारा (भारत और पाकिस्तान) सराहनीय कदम है। मैं कहता था कि आप (भारत) एक कदम उठाएंगे और वे (पाकिस्तान) दो लेने के लिए तैयार हैं। अब आपने एक कदम उठाया और उन्होंने अगले दिन घोषणा की कि इसका उद्घाटन करेंगे।
नवजोत का विवादों में रहा था पहला दौरा
दूसरी ओर, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का न्योता मिलने के बाद नवजोत सिद्धू ने बयान दिया था कि वे इस बार भारत सरकार की मंजूरी लेने के बाद ही पाकिस्तान जाएंगे। क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान गए थे। इस दौरान वो पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से गले मिले थे, जिसको लेकर विवाद हो गया था। भाजपा ने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया था। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी उनके इस तरह गले मिलने पर एतराज जताया था। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के अपने दौरे में उपजे विवाद को ध्यान में रखते हुए नवजोत सिद्धू इस बार मंजूरी चाहते थे।
कॉरिडोर बनने के बाद भारत के लोग बिना वीजा के गुरुद्वारा साहिब में जाकर माथा टेक सकेंगे।
करतारपुर में सिख श्रद्धालुओं के लिए होगा रेलवे स्टेशन का निर्माण
पाकिस्तान सरकार करतारपुर में एक रेलवे स्टेशन और देशभर में सिख धार्मिक स्थलों के निकट श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था करने के लिए जमीन उपलब्ध कराएगी। मीडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। डॉन न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा है कि सरकार करतारपुर, ननकाना साहिब तथा नरोवाल में होटलों के निर्माण के लिए सिख संगठनों को जमीन मुहैया कराएगी।सरकार करतारपुर में रेलवे स्टेशन के निर्माण के लिए भी जमीन भी उपलब्ध कराएगी। रेल मंत्री ने गुरु नानक देव जी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भारतीय सिखों के शामिल होने के बाद लाहौर से विशेष ट्रेनों से रवाना होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही। उनका यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब भारत और पाकिस्तान ने पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान के करतारपुर में दरबार साहिब को जोड़ने के लिए गलियारा बनाने की बात कही है।
अहमद ने कहा कि पाकिस्तान रेलवे ने करतारपुर और ननकाना साहिब में 10-10 एकड़ जमीन तथा नरोवाल में सिख संगठनों को पांच सितारा होटल बनाने के लिये पांच एकड़ जमीन की पेशकश की है। ननकाना साहिब से करतारपुर तक के लिए ट्रेनें चलेंगी और सभी धार्मिक स्थलों के निकट होटलों का निर्माण होगा।
सुषमा स्वराज और अमरिंदर सिंह ने ठुकरा दिया था न्योता
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 28 नवंबर को करतारपुर साहिब कॉरिडोर के आधारशिला समारोह के लिए भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी न्योता दिया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्री एस एम कुरैशी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी। लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान के निमंत्रण को ठुकरा दिया था। उन्होंने इसके पीछे पंजाब में हो रही आतंकवादी हमलों और पाकिस्तानी सशस्त्र बलों द्वारा भारतीय सैनिकों को निशाना बनाए जाने का हवाला दिया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी पाकिस्तान जाने से इंकार कर दिया था।पर नवजोत सिद्धू मान गए थे
वहीं पाकिस्तान के न्योते पर पंजाब सरकार में मंत्री नवोजत सिद्धू ने तत्परता दिखाई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के निमंत्रण का जवाब देते हुए नवजोत सिंह सिद्धू कहा कि, मैं इस ऐतिहासिक अवसर पर आपसे मिलने के लिए तत्पर हूं। पाक पहंचने के लिए मेरा आवेदन अब विदेश मंत्रालय में अनुमति के लिए पहुंच गया है। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि यह दोनों सरकारों द्वारा (भारत और पाकिस्तान) सराहनीय कदम है। मैं कहता था कि आप (भारत) एक कदम उठाएंगे और वे (पाकिस्तान) दो लेने के लिए तैयार हैं। अब आपने एक कदम उठाया और उन्होंने अगले दिन घोषणा की कि इसका उद्घाटन करेंगे।
नवजोत का विवादों में रहा था पहला दौरा
दूसरी ओर, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का न्योता मिलने के बाद नवजोत सिद्धू ने बयान दिया था कि वे इस बार भारत सरकार की मंजूरी लेने के बाद ही पाकिस्तान जाएंगे। क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान गए थे। इस दौरान वो पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से गले मिले थे, जिसको लेकर विवाद हो गया था। भाजपा ने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया था। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी उनके इस तरह गले मिलने पर एतराज जताया था। माना जा रहा है कि पाकिस्तान के अपने दौरे में उपजे विवाद को ध्यान में रखते हुए नवजोत सिद्धू इस बार मंजूरी चाहते थे।