मेरे जवान बेटे को जोश की जरूरत: जरदारी
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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के को-चेयरमैन आसिफ़ अली ज़रदारी ने अपने बेटे बिलावल के बारे में कहा है कि उनकी जवानी और सोच में जोश की ज़रूरत है, जब ये दोनों चीज़ें हो जाएं तो फिर उन्हें मैदान में उतरा जाएगा।
कराची में गुरुवार को अपने घर पर संवाददाता सम्मेलन में ज़रदारी ने कहा कि वैसे भी पाकिस्तान में जो सुरक्षा के खतरें हैं, उन्हें देखते हुए बिलावल को धीरे-धीरे चलाया जाए तो बेहतर है।
आसिफ़ अली ज़रदारी का कहना है कि एमक्यूएम समेत अन्य राजनीतिक दलों में भी गंदे अंडे हैं, उनकी पार्टी में भी ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो के दौर से लेकर अब तक गंदे अंडे चले आ रहे हैं। किसी भी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाने या लोकतंत्र को ख़त्म करने की बजाय राजनीतिक दलों से गंदे अंडे निकाल दिये जाएं। पूर्व राष्ट्रपति ज़रादारी का कहना ह कि उनके सीने में भी राज़ दफ़न है।
'एक ज़रदारी, सब पर भारी नारा 'घमंडी' नारा है'
आसिफ़ अली ज़रदारी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि उन्होंने पहले भी कहा था कि एक ज़रदारी, सब पर भारी नारा 'घमंडी' नारा है और ऐसे नारे नहीं लगने चाहिए।
उन्होंने कहा कि 'जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख सिराज हक़ ने मुझसे पूछा था कि यह एक ज़रदारी, सब पर भारी का नारा लग रहा है तो मैंने कहा था कि एक ज़रदारी सबसे यारी का नारा लगेगा और इसी यारी के कारण हमने सीनेट के अध्यक्ष और उप चेयरमैन बनाए।
मीडिया पर टिप्पणी करते हुए ज़रदारी ने कहा, 'अगर मेरी घी और सीमेंट की फ़ेक्ट्री है तो मैं टीवी फ़ैक्ट्री भी लगा लेता हूँ। कपड़ा मिलों वाले भी तो टीवी चैनलों चला रहे हैं ताकि वो एक पावर बन जाएं। मीडिया एक ताकत है। कोई इसे गंभीरता से इस्तेमाल करता है और कोई इसे बिना गंभीरता से।'
अपनी जीवनी लिखने के सवाल पर ज़रदारी ने कहा, 'शहीद भुट्टो के ज़माने से मेरे सीने में राज़ मौजूद हैं। दुनिया के बड़े नेता अपनी जीवनियां लिखते हैं लेकिन वे सारे राज़ बयान नहीं कर पाते, मैं भी केवल 70 प्रतिशत ही बयान कर सकूंगा।'