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मुशर्रफ़ ने उठाए आईएसआई पर गंभीर सवाल

Wed, 14 Nov 2012 04:23 PM IST
Updated Wed, 14 Nov 2012 04:23 PM IST
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musharraf raised serious questions on ISI

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि उन्होंने सेना प्रमुख रहते हुए ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई की राजनीतिक सेल को खत्म करने और खुफिया एजेंसियों को राजनीति से दूर करने को कहा था।

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दुबई में बीबीसी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उस समय आईएसआई के प्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल अश्फाक परवेज कियानी को इस बारे में लिखित आदेश तो नहीं दिया था लेकिन ये जरूर कहा था कि उनकी संस्था को राजनीति में हस्तक्षेप बंद करना चाहिए।
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उन्होंने कहा, 'इसके लिए बाकायदा आदेश तो नहीं दिया गया था लेकिन हमने सोचा था कि राजनीति में आईएसआई वाले बिल्कुल हस्तक्षेप न करें।'

मुशर्रफ कहते हैं कि यही वजह थी कि 2008 के चुनावों में किसी तरह की दखलंदाजी या धांधली नहीं की गई और न ही ऐसी कोई शिकायत सामने आई।

ड्रोन पर मुशर्रफ़

पाकिस्तान में होने वाले ड्रोन हमलों के बारे में उन्होंने कहा कि उनके सत्ता में रहते हुए अमरीका से इस बारे में कोई लिखित या मौखिक समझौता नहीं हुआ था।

उन्होंने कहा, 'मेरे राष्ट्रपति बुश और विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल से संपर्क थे और अगर कोई हमला होता था तो मैं उन्हें टेलीफोन कर सकता था और करता भी था और कड़ा विरोध भी करता था क्योंकि मेरा उनके साथ संपर्क था। लेकिन अब मेरे ख्याल से संपर्कों की कमी है जिसकी वजह से वो दनदनाते फिर रहे हैं और मारे जा रहे हैं।'
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पूर्व राष्ट्रपति बुश के कार्यकाल में मुशर्रफ 'आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई' में अमरीका के अहम सहयोगी थे, जबकि इस वक्त पाकिस्तान और अमरीका के संबंध बेहद खराब हैं।

मुशर्रफ ने कहा कि ड्रोन हमलों में चरमपंथियों को निशाना बनाया जाता और वो उनमें मारे भी जाते हैं। उनके अनुसार ड्रोन हमले देखभाल कर किए जाते हैं, लेकिन इनकी वजह से जो आसपास के लोग मारे जाते हैं उससे समस्या पैदा होती हैं।

पूर्व राष्ट्रपति का कहना है कि इस तरह के नुकसान को बहुत ही बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जाता है।

'पाकिस्तान लौटेंगे'

मुशर्रफ ने कहा कि उन्होंने इस साल जनवरी में पाकिस्तान लौटने का अपना इरादा देश में जारी हालात के कारण टाला था, लेकिन एक बार अंतरिम सरकार आ जाए और चुनावी प्रक्रिया का ढांचा नजर आए तो फिर वो इस बारे में फैसला करेंगे।


2008 में सत्ता छोड़ने के बाद से मुशर्रफ निर्वासित जीवन बिता रहे हैं।

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या और एक सैन्य अभियान में बलोच नेता अकबर खान बुगटी की मौत के सिलसिले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा चुके हैं।

मुशर्रफ का कहना है कि वो वापस पाकिस्तान जरूर जाएंगे और आने वाले आम चुनावों में हिस्सा भी लेंगे।

"इसके लिए बाकायदा आदेश तो नहीं दिया गया था लेकिन हमने सोचा था कि राजनीति में आईएसआई वाले बिल्कुल हस्तक्षेप न करें।"

परवेज मुशर्रफ, पूर्व राष्ट्रपति, पाकिस्तान

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