पाकिस्तान ने इस वजह से लिया था भारतीय मौलवियों को हिरासत में
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हाल ही में पाकिस्तान ने भारत के दो मौलवियों को हिरासत में ले लिया था। दोनों के गायब हो जाने के बाद देश में लगातार विरोध का माहौल बना हुआ था। अब असल बात सामने आई है कि आखिर पाकिस्तान ने दोनों मौलवियों को हिरासत में क्यों लिया था। मीडिया की खबरों के मुताबिक पाक ने एक अधपके ऑपरेशन के तहत ये कदम उठाया था।
दोनों मौलवी अक्सर पाकिस्तान जाया करते थे, बस इसी बात पर पाक को उनपर शक होने लगा कि ये दोनों जासूस हैं। इसी आधार पर दोनों को उठा लिया गया और पूछताछ के लिए गुप्त जगह पर पहुंचा दिया गया। पाक को शक था कि इनके पास कोई गुप्त एजेंडा है, जो उनकी सुरक्षा को नुकसाल पहुंचा सकता है।
हजरत निजामुद्दीन औलिया के प्रमुख मौलवी सैयद आसिफ निजाम और उनके भतीजे नजीम अली निजामी ने देश लौटने के बाद ये बड़ा बयान दिया कि पाक के बड़े अखबार की झूठी खबर के आधार पर खुफिया एजेंसियों ने उन्हें हिरासत में लिया था।
दोनों के गायब होने पर सियासी माहौल गरमाया
बता दें कि दोनों मौलवियों के गायब होने पर सियासी माहौल गरमा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोदी सरकार ने पाकिस्तान सरकार के सामने यह मुद्दा उठाया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट करके कहा कि इसके पीछे आईएसआई का हाथ हो सकता है।
उनके परिवार के मुताबिक आसिफ को कराची जाने की इजाजत दे दी गई लेकिन अधूरे यात्रा कागजातों की वजह से नाजिम को लाहौर एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। गौरतलब है कि आसिफ और नाजिम निजामी लाहौर में प्रसिद्ध दाता दरबार की यात्रा करने से पहले 8 मार्च को कराची अपने रिश्तेदारों से मिलने गए थे। निजामुद्दीन दरगाह और दाता दरबार के गद्दीनशीं के एक दूसरे के यहां यात्रा की पुरानी परंपरा रही है।