नाबालिग सहायिका के उत्पीड़न में जज दोषी करार, पत्नी समेत काटेगा सजा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 17 Apr 2018 06:48 PM IST
Judge harassed his minor assistant in Pakistan
ख़बर सुनें
पाकिस्तान में नाबालिग सहायिका के उत्पीड़न में जिला एवं सत्र न्यायालय के एक एडिशनल जज और उनकी पत्नी को एक साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा उन दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस आमेर फारूक ने मंगलवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज राजा खुर्रम अली खान और उनकी पत्नी महीन को उनके घर पर काम करने वाली 10 वर्षीय सहायिका का उत्पीड़न करने के जुर्म में यह सजा सुनाई है। 
पीड़ित को पुलिस ने दिसंबर, 2016 में जज के घर से छुड़ाया था। जज के पड़ोसियों द्वारा पीड़ित की तस्वीर सोशल मीडिया पर डाले जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की थी। जज राजा खुर्रम अली खान और उनकी पत्नी को नाबालिग सहायिका के साथ मारपीट करने, उसे जबरदस्ती बंधक बनाने और उसकी उपेक्षा करने के आरोपों में सजा सुनाई गई है। 

पीड़ित नाबालिग का मामला सामने आने के बाद ही इस जज को निलंबित कर दिया गया था। शुरुआत में जज ने पीड़ित के माता-पिता के साथ समझौता करने की कोशिश की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस साकिब निसार ने इस घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट को सुनवाई करने का आदेश दिया था।  

RELATED

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

Spotlight

Most Read

Pakistan

कुत्ते की वजह से इमरान खान की तीसरी शादी भी खतरे में, नाराज पत्नी गई मायके

पाकिस्तान की तहरीक ए इंसाफ पार्टी के चेयरमैन और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की तीसरी पत्नी उनसे नाराज होकर मायके चली गई हैं।

25 अप्रैल 2018

Related Videos

आसाराम को दोषी करार दिए के बाद ये बोले पीड़ित लड़की के पिता

नाबालिग से रेप के मामले में आसाराम को जोधपुर कोर्ट ने दोषी करार दिया है। आसाराम को दोषी करार दिए जाने के बाद पीड़ित लड़की के पिता ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वो कोर्ट के फैसले से संतुष्ट हैं और आसाराम को कड़ी से कड़ी सजा की मांग करते हैं।

25 अप्रैल 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen