फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ›   India rejects the offer of secret peace talks of Pak army

भारत ने ठुकराया पाक का गुपचुप प्रस्ताव, डर के मारे करना चाहता है शांति वार्ता

Thu, 06 Sep 2018 04:09 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, इस्लामाबाद
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, इस्लामाबाद Updated Thu, 06 Sep 2018 04:09 AM IST
विज्ञापन
India rejects the offer of secret peace talks of Pak army
कमर बाजवा

पाकिस्तान को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने का डर सता रहा है। लगातार कमजोर होती अर्थव्यवस्था से चिंतित पाकिस्तानी सेना ने गुपचुप भारत से शांति वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए प्रयास किया है। हालांकि पाकिस्तानी सेना के इस प्रस्ताव को भारत ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी।

विज्ञापन


गिरती अर्थव्यवस्था सुरक्षा के लिए खतरा

पश्चिमी राजनयिकों और पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने भारत के साथ शांति वार्ता फिर से बहाल करने का प्रयास पाकिस्तान के आम चुनावों से कुछ महीने पहले किया था। बातचीत के इस प्रयास का प्रमुख उद्देश्य भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार के लिए बाधाओं को खोलना है, जो पाकिस्तान को क्षेत्रीय बाजारों तक अधिक पहुंच देने के लिए भी था। 
विज्ञापन


पाकिस्तान ने कश्मीर क्षेत्र में अपने सीमा विवाद पर भारत के साथ बातचीत शुरू करने की पेशकश की, जो हिंसा भड़कने से 2015 में रुक गई थी। पाकिस्तानी सेना देश की तेजी से गिरती अर्थव्यवस्था को सुरक्षा के खतरे के रूप में देख रही है, क्योंकि यह देश में विद्रोहियों की संख्या को बढ़ा देती है। पाकिस्तान के संचार मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि हम अब आगे बढ़ाना चाहते हैं। हम भारत सहित सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गलत समय पर शांति वार्ता की पहल

पश्चिमी राजनयिकों का कहना है कि जनरल बाजवा ने वार्ता शुरू करने के लिए भारतीय सेना प्रमुख जनरल रावत तक पहुंचने की कोशिश की थी, लेकिन इस प्रयास को रोक दिया गया है। एक राजनयिक ने इसे व्यवस्थागत बेमेल करार दिया। उनका कहना है कि भारत की सेना सरकार की मंजूरी के बगैर शांति समझौते से सहमत नहीं हो सकती। वहीं, नई दिल्ली में राजनयिकों का कहना है कि मोदी सरकार अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनावों को लेकर व्यस्त है। इससे पहले मोदी सरकार वार्ता नहीं करना चाहती है। पहले की तरह अगर किसी वजह से बातचीत रद्द होती है तो इसका सीधा असर पीए मोदी के लोकसभा चुनाव अभियानों पर पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed