पाकिस्तान: बहुमत संकट के बीच इमरान 11 अगस्त को प्रधानमंत्री पद की लेंगे शपथ
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पाकिस्तान में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद इमरान खान के पीएम बनने की राह में बहुमत का संकट उनके पांच सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर बरकरार है। उनके अलावा पीटीआई के दो और सांसदों ने दो-दो सीटों से चुनाव लड़ा है। इस आधार पर 116 सीटों पर जीत हासिल करने के बावजूद इमरान समेत सभी सांसदों को अन्य सीटें छोड़नी पड़ेंगी। इस तरह पीटीआई के पास सिर्फ 110 सीटें रह जाएंगी। जबकि इमरान बहुमत को लेकर आश्वस्त हैं और उन्होंने कहा है कि वह 11 अगस्त को पीएम पद की शपथ लेंगे।
पूर्व क्रिकेटर के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के पास 272 सीटों में से कम से कम 137 सीटें होनी चाहिए, क्योंकि 342 सीटों वाली नेशनल असेंबली में 272 सीटों पर प्रत्यक्ष निर्वाचन होता है। ऐसे में पीटीआई के पास अब भी 22 सीटें कम हैं। पीएमएल-एन के पास 64 और पीपीपी के पास महज 43 सीटें हैं। हालांकि रविवार को इमरान ने कहा कि वह छोटी पार्टियों और निर्दलीय विजेताओं के साथ मिलकर सरकार बना लेंगे। लेकिन इमरान के सामने सबसे बड़ा संकट 22 सीटों की जुगत नहीं बल्कि 28 सीटों का प्रबंध करना रहेगा।
डॉन न्यूज के मुताबिक इमरान खान ने पांच सीटों से चुनाव लड़ा था और सभी पर जीत हासिल की, लेकिन अब उन्हें चार सीटें छोड़नी पड़ेंगी। इसके अलावा पीटीआई नेता गुलाम सरवर खान ने दो सीटों और खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री परवेज खट्टक ने संसद के साथ विधानसभा से चुनाव लड़ा है। इनमें से गुलाम सरवर खान को एक सीट छोड़नी पड़ेगी, जबकि खट्टक को दोबारा सीएम बनाने के चलते संसद की सीट भी छोड़नी पड़ेगी। ऐसे में इमरान खान के सामने 22 के बजाय 28 सीटों का प्रबंध करना आवश्यक होगा, जिसके चलते उनकी राह में कई कांटे होंगे।
यह है इमरान का असली संकट
डॉन न्यूज के अनुसार, पीटीआई प्रमुख इमरान खान के लिए 28 सीटों की जुगत लगाना आसान नहीं है। दरअसल, इमरान की पार्टी के पूर्व सचिव जहांगीर तारीन ने 13 सीट जीतने वाले निर्दलियों और छह सीटें जीतने वाली एमक्यूएम-पी से सरकार बनाने के लिए संपर्क बढ़ा दिया है। इस बीच सोमवार को शुजात हुसैन की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कुवैद (पीएमएल-क्यू) ने भी इमरान के समर्थन का एलान कर दिया है। इसके लिए इमरान ने मुमताज भुट्टो से संपर्क साधा था। पीएमएल-क्यू के पास चार सीटें हैं लेकिन इसकी तीन सीटों का ही पीटीआई को समर्थन मिल पाएगा, क्योंकि पार्टी की दो सीटें पंजाब के पूर्व सीएम परवेज इलाही के पास हैं। इस तरह इमरान खान कुल 137 में से 122 सीटों का समर्थन जुटा सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद वे जादुई आंकड़े से 15 सीटें दूर ही रहेंगे। इमरान के सामने सरकार बनाने की राह में यह सबसे बड़ा संकट होगा।
चुनाव आयोग से भी लगा झटका
उधर, इमरान खान को चुनाव आयोग से भी बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग ने इमरान खान को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे 25 जुलाई को हुए चुनाव में सार्वजनिक रूप से और कैमरे के सामने वोट करने को लेकर लिखित में जवाब मांगा गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।