{"_id":"5b5d921c4f1c1b61508b5f97","slug":"imran-khan-started-the-exercise-for-the-magical-number-137-coalition-with-small-parties","type":"story","status":"publish","title_hn":"इमरान खान ने जादुई नंबर (137) के लिए शुरू की कवायद, छोटे दलों के साथ करेंगे गठबंधन ","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
इमरान खान ने जादुई नंबर (137) के लिए शुरू की कवायद, छोटे दलों के साथ करेंगे गठबंधन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 29 Jul 2018 03:38 PM IST
विज्ञापन
Imran Khan
पाकिस्तान आम चुनाव के सभी नतीजों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) अकेली सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) बहुमत से 21 सीट दूर रह गई है। इमरान ने बहुमत जुटाने के लिए छोटे दलों और निर्दलियों से बात करनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
कुल 272 सीटों के लिए चुनाव हुआ था, जिसमें से इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने 116 सीटें जीती हैं। इमरान खान ने खुद पांच सीटों पर चुनाव लड़ा था और सभी में उन्होंने जीत दर्ज की है, लेकिन फिर भी सरकार बनाने के लिए जादुई नंबर (137) से उनकी पार्टी 21 सीटें पीछे रह गई है।
विज्ञापन
अब इमरान खान की पार्टी को सरकार बनाने के लिए गठबंधन की आवश्यकता होगी। ऐसे में सवाल यह है कि इमरान खान सरकार बनाने के लिए जरूरी नंबर कहां से लाएंगे। पाकिस्तान में अगली सरकार बनाने के मकसद से इमरान खान ने विभिन्न पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
इमरान की कोशिश होगी कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग कायदे आजम पीएमएल (क्यू) के 4, ग्रांड डेमोक्रेटिक अलांयस के 2 के साथ सभी 13 निर्दलीयों को साथ लिए जाएं। कुल मिलाकर ये 19 होते हैं, बाकी के दो में से जम्हूरी वतन पार्टी के 1 और अवामी मुस्लिम लीग के 1 हो सकते हैं। कुल मिलाकर यह आकंड़ा 21+116=137 पर पहुंच जाएगा और इमरान खान की पार्टी सरकार बना लेगी।
अब कुल मिलाकर इमरान खान की पार्टी पीटीआई को छोटी पार्टियों और इंडिपेंडेंट्स के सहारे ही सत्ता हासिल होगी। वहीं, कानून के अनुसार, पाकिस्तान के राष्ट्रपति को सांसदों के शपथ ग्रहण और नये स्पीकर के चयन के लिये चुनाव के 21 दिन के अंदर नेशनल असेंबली का पहला सत्र आहूत करना चाहिए। वहीं पीएमएल-एन, पीपीपी, एमएमए सहित कुछ अन्य छोटे दलों ने चुनाव नतीजों को खारिज कर दिया है और दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।