फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ›   Imran khan decided not to invite Foreign dignitaries in his oath ceremony on 11th August

इमरान के शपथ ग्रहण समारोह में किसी विदेशी नेता को आमंत्रित नहीं किया जाएगा: विदेश कार्यालय

Thu, 02 Aug 2018 08:31 PM IST
भाषा, इस्लामाबाद
भाषा, इस्लामाबाद Updated Thu, 02 Aug 2018 08:31 PM IST
विज्ञापन
Imran khan decided not to invite Foreign dignitaries in his oath ceremony on 11th August
इमरान खान

पाकिस्तान ने आज कहा कि इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में किसी भी विदेशी नेता को आमंत्रित नहीं किया जायेगा क्योंकि भावी प्रधानमंत्री एक सादे समारोह में शपथ लेना चाहते हैं।

विज्ञापन


खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) 25 जुलाई को हुए चुनावों में सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी है। 65 वर्षीय नेता के 11 अगस्त को शपथ ग्रहण करने की संभावना है।
विज्ञापन


विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डा.मोहम्मद फैसल ने बताया कि राष्ट्रपति भवन में एक सादा समारोह आयोजित किया जायेगा। समारोह की तिथि अभी तय नहीं की गई है।

फैसल ने कहा,‘‘पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान के कुछ करीबी दोस्तों के अलावा विदेशों से कोई गणमान्य व्यक्ति ऐवान-ए-सदर में आयोजित होने वाले सादे और गरिमामय शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होगा।’’ 
विज्ञापन
विज्ञापन


राष्ट्रपति ममनून हुसैन खान को पद की शपथ दिलाएंगे।

खान की पार्टी ने शुरूआत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत कुछ विदेशी नेताओं को आमंत्रित करने की योजना बनाई थी। हालांकि आज इस पर रुख बदलते हुए खान ने सादे समारोह में शपथ लेने का फैसला किया है।

फैसल ने कहा कि पीटीआई ने भी घोषणा की थी कि कोई विदेशी नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होगा।

एक ट्वीट में पीटीआई ने घोषणा की कि शपथ ग्रहण सादे और गरिमामय समारोह में ली जायेगी और ‘‘विदेशी गणमान्य लोगों को आमंत्रित नहीं करने का निर्णय लिया गया है।’’ 

इससे पूर्व पीटीआई नेताओं ने कहा था कि विदेश कार्यालय ने विदेशी नेताओं को आमंत्रित करने पर विचार विमर्श किया है। इन नेताओं में चीन और तुर्की के साथ साथ सार्क देशों के नेता भी शामिल हो सकते हैं।

पीटीआई के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने कहा कि एफओ ने विदेशी नेताओं को आमंत्रित करने के मुद्दे पर सलाह लेने के लिए संपर्क किया था।

रिपोर्टों के अनुसार एफओ के शुरूआती तर्कों में कहा गया है कि यदि भारतीय प्रधानमंत्री आमंत्रण स्वीकार करने से इनकार कर देते है तो पाकिस्तान को एक बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा।


प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को खान को फोन करके आम चुनावों में उनकी पार्टी की जीत के लिए बधाई दी थी और उम्मीद जताई थी कि ‘‘पाकिस्तान और भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में एक नये अध्याय की शुरूआत करने के लिए काम करेंगे।’’ 

खान ने उनकी शुभकामनाओं के लिए मोदी को धन्यवाद दिया था और जोर दिया था कि विवादों को बातचीत के जरिये हल किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed