अर्थसंकट से उबरने के लिए इमरान ने विदेशों में रह रहे नागरिकों से की पाक में निवेश की अपील
दुनिया भर में कट्टरपंथ और आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की खराब होती छवि से पाक पीएम इमरान खान असहज हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय और विदेशों में तैनात पाक राजदूतों को सक्रिय व आर्थिक कूटनीति के जरिए विश्व स्तर पर देश की छवि उदार बनाने के निर्देश दिए हैं। आर्थिक कूटनीति पर दो दिवसीय राजदूत सम्मेलन के समापन संबोधन में खान ने यह बात कही।
‘रेडियो पाकिस्तान’ की खबर के अनुसार इमरान खान ने कहा कि राष्ट्र को दूसरों पर निर्भर रहने की मानसिकता को बदलने और विभिन्न क्षेत्रों के अवसरों में मौजूद चुनौतियों को बदलने की दिशा में समन्वित राष्ट्रीय कोशिशों की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘हमारे विशिष्ट लोगों ने अपने निजी फायदों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को धोखा दिया है।’
उन्होंने कहा कि पूर्व शासकों ने खुद को विकासशील और बाकी देश को कट्टरपंथ के रूप में दर्शाया, जिससे ‘राष्ट्रीय छवि को भारी नुकसान पहुंचा है।’ उन्होंने देश को अर्थसंकट से उबारने के लिए प्रवासी पाक नागरिकों की महत्ता पर जोर दिया।
खान ने प्रवासी पाक नागरिकों को देश की महान संपत्ति बताते हुए उनके सही इस्तेमाल की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि अन्य देशों में काम कर रहे पाक नागरिकों को दूतावास हरसंभव मदद करें। उन्हें समझाएं कि वे अपना धन अपने ही देश में लगाएं।
विदेश मामलों के लिए सलाहकार परिषद गठित
पाक पीएम इमरान खान ने राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर विदेश मंत्रालय को सलाह देने के लिए विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की अध्यक्षता में एक सलाहकार परिषद का गठन किया है। यह सलाहकार परिषद अपने विमर्शों और सिफारिशों के जरिए पाक विदेश नीति से जुड़े मसलों को देखने में मदद करेगी और विदेश नीति के लिये तय लक्ष्यों को हासिल करने के लिये सिफारिशें रखेगी। सलाहकार परिषद में अत्यधिक अनुभवी पूर्व राजनयिकों और राजदूतों के साथ अकादमिक हस्तियों को भी शामिल किया गया है।