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जानिए पनामा पेपर मामले के बारे में सबकुछ, चली गई PM नवाज शरीफ की कुर्सी?

Fri, 28 Jul 2017 02:28 PM IST
amarujal.com, Presented By: आसिफ़ इक़बाल
amarujal.com, Presented By: आसिफ़ इक़बाल Updated Fri, 28 Jul 2017 02:28 PM IST
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How Pakistan's Panama Papers leak disqualified prime minister nawaz sharif
नवाज शरीफ
पनामा गेट घोटाले में फंसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर बड़ा फैसला आ गया है। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मामले में दोषी करार दिया है और उन्हें पीएम पद पर अयोग्य करार दिया गया है। आइए जानते हैं  इस मामले में कब-कब, क्या-क्या हुआ... 
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3 अप्रैल 2016 - आईसीआईजे ने भ्रष्टाचार से जुड़े पानामागेट से जुड़े पेपर जारी किए, जिसमें गलत तरीके से दुनिया भर में कंपनियों से जुड़े लोगों के नामों में नवाज शरीफ और उनके परिवार के नाम का खुलासा हुआ। उन पर आरोप लगा कि उनके परिवार के नाम विदेश में गलत तरीके से अर्जित की गई संपत्ति है।
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3 अप्रैल 2016- पाकिस्तान तहरीके इंसाफ प्रमुख इमरान खान ने मामले को उठाया। शरीफ और परिवार से भ्रष्टाचार के आरोप पर पद छोड़ने की मांग की।
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5 अप्रैल 2016 - नवाज ने भ्रष्टाचार पर लगे आरोपों पर सफाई दी और देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वो और उनका परिवार किसी भी तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त में नहीं है।

 

10 अप्रैल 2016- इमरान खान ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से इस मामले की तहकीकात के लिए एक कमीशन बनाने की मांग की।

13 अप्रैल 2016 - सुप्रीम कोर्ट के पांच रिटायर्ड जजों ने इस मामले की जांच करने से इनकार किया। 

16 अप्रैल 2016 - नवाज सरकार के वित्त मंत्री इशाक डार ने एक सरकारी जांच कमीशन का प्रस्ताव विपक्ष के सामने रखा।

22 अप्रैल 2016 - शरीफ ने देश को संबोधित करते हुए कहा, अगर मामले में दोषी हुआ तो कुर्सी छोड़ दूंगा।

25 अप्रैल 2016 - विपक्ष ने सरकारी जांच आयोग को खारिज किया।

1 मई 2016- पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी प्रमुख और बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल भुट्टो ने नवाज शरीफ से प्रधानमंत्री पद छोड़ने की मांग की।

3 मई 2016 - विपक्ष ने अपने जांच आयोग को सरकार के सामने पेश किया ।

5 मई 2016 - नवाज सरकार ने विपक्ष के जांच आयोग को अस्वीकार किया।

18 मई 2016- सरकार और विपक्ष दोनों की सहमित पर एक 12 सदस्यीय जांच कमीशन का गठन हुआ।

22 मई 2016- नवाज शरीफ हार्ट सर्जरी के लिए लंदन रवाना

24 जून 2016- पाकिस्तान तहरीके इंसाफ पार्टी ने पाकिस्तान चुनाव आयोग को शरीफ के खिलाफ याचिका दायर की।

 

24 अगस्त 2016- जमाते इस्लामी (जेआई) ने सुप्रीम कोर्ट में पनामा पेपर मामले में नवाज और उनके परिवार के खिलाफ याचिका दायर की। 

29 अगस्त 2016- इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीके इंसाफ ने चुनाव आयोग में नवाज को अयोग्य ठहराने की याचिका दायर की। 

20 अक्टूबर 2016- सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष की ओर से मामले में दाखिल याचिकाओं को स्वीकार किया और सुनवाई की अनुमति दी।

28 अक्टूबर 2016- सुप्रीम कोर्ट ने बेंच को बड़ा करके पांच सदस्यीय बना दिया।

14 नवंबर 2016 - पाकिस्तान तहरीके इंसाफ ने सुप्रीम कोर्ट में नवाज के खिलाफ सबूत पेश किए।

13 जनवरी 2017- बीबीसी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 1990 में शरीफ के परिवार ने लंदन में संपत्ति खरीदी।

16 फरवरी 2017- नवाज की बेटी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मरियम लंदन की संपत्ति की मालकिन नहीं, बल्कि ट्रस्टी हैं।

13 फरवरी 2017 - पनामा गेट मामले की सुनवाई पूरी। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

20 अप्रैल 2017 - मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने छह सदस्यीय संयुक्त जांच दल (जेआईटी) गठित किया।

10 जुलाई 2017 - जेआईटी ने सुप्रीम कोर्ट को 275 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी।

21 जुलाई 2017- सुप्रीम कोर्ट ने पनामा गेट मामले में फैसला सुरक्षित रखा।

28 जुलाई 2017 - सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान ने नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के लगे आरोपों को सही पाया और उन्हें दोषी करार देते हुए प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य ठहराया।
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