चीन का पाक को एक और तोहफा, CPEC समुद्री मार्ग की सुरक्षा करने को दिए दो जहाज
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शनिवार को चीन ने पाकिस्तानी नौसेना को दो बड़े जहाज सुपुर्द किए हैं। यह दोनों जहाज चीन ने पाकिस्तान को (चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर) CPEC समुद्री मार्ग की सुरक्षा करने के लिए दिए हैं। डॉन की खबर के मुताबिक पाकिस्तानी नौसेना के वाइस एडमिरल अरीफुल्लाह हुसैनी ने शनिवार को इन दो पोतों को रिसीव किया ।
इन पोतों का नाम PMSS हिंगोलऔर PMSS बसोल है। डॉन के मुताबिक हुसैनी ने पोतों को रिसीव करने के बाद कहा कि 'आज से यह दोनों पोत पाकिस्तानी नौसेना में शामिल किए जा रहे हैं। इससे नौसेना को मजबूती मिलेगी।'
चीन को उम्मीद है कि वो पाकिस्तानी नौसेना के लिए दो और जहाज 'दश्त' और 'ज़ोब' जल्द ही उपलब्ध करा देगा। हालांकि चीन इन दोनों जहाजों पर पहले से ही काम कर रहा है और जल्द इनके तैयार होने की उम्मीद है।
आपको बता दें कि पाकिस्तान काफी पहले से चीन-पाक आर्थिक कॉरिडोर और ग्वादर बंदरगाह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित है। CPEC की सुरक्षा के लिए पाक ने सेना की नई डिवीजन का भी गठन किया है। वहीं ग्वादर शहर की सुरक्षा पूर्व सेना प्रमुख जनरल रहील शरीफ के कार्यकाल के दौरान गठित की गई सेना की नई डिवीजन को सौंपी है।
'CPEC में अब भारत के भी शामिल होने की मांग'
आपको बता दें कि CPEC के बनने पर करीब 54 बिलियन डॉलर की लागत का अनुमान है। इसके जरिए चीन सिल्क रूट को दोबारा सामने लाने की कोशिश कर रहा है। इस रूट के जरिए वह काशगर और ग्वादर से सीधेतौर पर जुड़ना चाहता है।
इसके लिए वह इस रूट पर तेजी से सड़क और रेल परिवहन के साथ साथ ऑप्टीकल फाइबर और पाइपलाइन का निर्माण कर रहा है। एक पाकिस्तानी नौसेना अधिकारी के मुताबिक चीन-पाक आर्थिक कोरिडोर चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए गेम चेंजर साबित होगा, इससे पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा। इससे बलूचिस्तान में भी तेजी से विकास होगा और हजारों की संख्या में रोजगार पैदा होंगे।
आपको बता दें कि पाकिस्तान और चीन के बीच इकॉनमिक कॉरिडोर (CPEC) में अब भारत के भी शामिल होने की मांग की जा रही है। बीते दिनों ही पाकिस्तान ने इसमें शामिल होने के लिए भारत को ऑफर दिया था। अब चीन की आधिकारिक मीडिया ने कहा है कि तकरीबन 46 अरब डॉलर से बने इस आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ने के पाकिस्तानी जनरल की पेशकश को स्वीकार करें।