अगर सुन ली होती दिल की बात, तो आज भी जिंदा होता लादेन
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ओसामा बिन लादेन की मौत के चार साल बाद अमेरिका ने उसके कमरे से मिले जो दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं उन दस्तावेजों में से एक और खुलासा हुआ है। ओसामा के कमरे से मिले दस्तावेजों में एक पत्र भी मिला है जो उसने अपने परिजनों को लिखा था। इस पत्र में ओसामा ने अपने महफूज ठिकाने एबटाबाद छोड़ने की बात कही थी।
द वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक अमेरिकी हमले के पहले से ही आतंकी ओसामा पाकिस्तान के एबटाबाद में एक सुरक्षित ठिकाने पर रह रहा था। अमेरिकी हमले से ओसामा ने एक पत्र में जिक्र किया है कि वह लंबे समय से एबटाबाद के इस ठिकाने पर रह कर आजिज आ चुका है और वह एबटाबाद छोड़कर कहीं और जाना चाहता था।
लेकिन अलकायदा नेता ओसामा बिन लादेन एबटाबाद के ठिकाने को छोड़कर जाने में सफल नहीं हो पाया, और उसी ठिकाने पर मारा गया।ओसामा ने अपनी पत्नी खरिया को लिखा था 'दूसरी जगह का इंतजाम करने में कुछ महीने लगेंगे जहां तुम, हमजा और उसकी बीवी हमारे पास आ सकें। मैं तुमसे माफी मांगता हूं और उम्मीद करता हूं कि तुम हालात को समझोगी और दुआ करता हूं कि अल्लाह हम लोगों की मुलाकात आसान बनाए। इंशा अल्लाह।'
पाकिस्तानी साथियों को भी छोड़ना चाहता था
यह पत्र ओसामा ने अपने दो पाकिस्तानी साथियों का जिक्र करते हुए अपनी पत्नी को लिखा था। ओसामा ने लिखा था कि मुझे लगता है कि मैं अब उनको छोड़ दूं। पत्र में ओसामा जिन दो साथियों का जिक्र किया है उन्होंने ही ओसामा को पाकिस्तान में शरण दी, और लादेन को लगातार बाहरी दुनिया की जानकारी देते रहते थे।
करीब छह माह बाद ही वर्ष 2011 में अमेरिकी कमांडो ने पाकिस्तान स्थित एबटाबाद ओसामा के ठिकाने पर हमला कर दिया इस हमले में अमेरिकी सेना ने ओसामा और उसके दो पाकिस्तानी साथी को मार गिराया।
ओसामा की मौत के बाद उसकी पत्नी खरिया पाकिस्तान के एबटाबाद पहुंची थी। बाद में अमेरिकी सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर पाकिस्तान के सुपुर्द कर दिया।