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पाक में बड़े नेताओं को हार भी बड़ी मिली, मंत्री से लेकर पार्टी प्रमुख तक फ्लॉप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:15 AM IST
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पाकिस्तान के आम चुनाव में इमरान खान की जीत की जितनी चर्चा है उतनी ही चर्चा कुछ बड़े और ताकतवर चेहरों के हार की भी है। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी, पीएमएल-एन प्रमुख शाहबाज शरीफ और दक्षिण पंथी जमात-ए-इस्लामी प्रमुख सिराजुल हक जैसे नाम शामिल हैं।
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पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी दोनों ही सीट हारे
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवाज शरीफ को अयोग्य ठहराए जाने के बाद उनके विश्वस्त अब्बासी ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने रावलपिंडी के एनए-57 और इस्लामाबाद के एनए-53 सीट से चुनाव लड़ा था। अनाधिकारिक परिणामों के अनुसार वे दोनों ही सीट हार चुके हैं। एमए-57 सीट पीएमएल-एन के लिए सुरक्षित मानी जाती है। यहां से 1985 में अब्बासी के पिता ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1990, 1993, 1997, 2008 और 2013 में उन्होंने इस सीट से जीत दर्ज की। हालांकि साल 2002 में उन्हें यहां पर हार का सामना करना पड़ा था।
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पीएमएन-एन के मंत्री और कई पार्टियों के प्रमुख को मिली हार
हारने वाले अन्य नामों में पंजाब के पूर्व कानून मंत्री राणा सनाउल्लाह, पीएमएल-एन के ख्वाजा साद रफीक, खान अब्दुल गफ्फार खान के पोते असफंदियार वाली खान, दक्षिण पंथी जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख सिराजुल हक शामिल हैं। दो संसदीय सीटों से लड़ने वाले पूर्व गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान दोनों ही सीटों पर पीटीआई प्रत्याशियों से हार गए। इसके अलावा दो सीटों से चुनाव मैदान में उतरने वाले मुत्तहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमए) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान दोनों सीटें हार चुके हैं।
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दो हारे तो एक सीट जीते शाहबाज शरीफ
पीएमएल-एन प्रमुख शाहबाज शरीफ तीन संसदीय सीटों से चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे थे। एक सीट कराची, एक स्वात और एक लाहौर से थी। कराची में पीटीआई प्रत्याशी से हारने के साथ वे स्वात की एनए-3 सीट भी गवां चुके हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक वे लाहौर सीट से आगे चल रहे थे।
एक सीट से हारे तो एक से जीते बिलावल
दो सीटों से लड़ने वाले बिलावल भुट्टो जरदारी को जहां खैबर पख्तूनख्वा की एनए-8 नालकंद सीट से हार का सामना करना पड़ा वहीं सिंध के अपने गृह संसदीय क्षेत्र लरकाना से उन्होंने जीत हासिल की।