{"_id":"59ecba5f4f1c1bd8538b874b","slug":"asif-ali-zardari-alleged-nawaz-sharif-and-shahbaz-sharif-for-assassination","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व पाक राष्ट्रपति ने कहा- शरीफ भाइयों ने दो बार किया मेरी हत्या का प्रयास","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
पूर्व पाक राष्ट्रपति ने कहा- शरीफ भाइयों ने दो बार किया मेरी हत्या का प्रयास
एजेंसी/ लाहौर
Updated Sun, 22 Oct 2017 09:03 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : abcnewspoint.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान की सत्ता से बेदखल किए गए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जोरदार झटका देते हुए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के मुखिया और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने उनके साथ किसी भी तरह का गठबंधन करने से साफ इनकार कर दिया है।
विज्ञापन
जरदारी ने शरीफ भाइयों पर उनकी हत्या के लिए दो बार साजिश रचने का आरोप भी लगाया है। दरअसल इससे पहले खबरें आ रही थीं कि आगामी आम चुनावों के लिए शरीफ, जरदारी से हाथ मिला सकते हैं।
विज्ञापन
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति 62 वर्षीय आसिफ अली जरदारी ने कहा कि जब वह भ्रष्टाचार के मामले में आठ साल की सजा काट रहे थे तब नवाज और शहबाज ने उनकी हत्या की साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि शरीफ भाईयों ने उनकी हत्या का प्रयास तब किया था जब वे सुनवाई के लिए अदालत जा रहे थे।
विज्ञापन
जरदारी ने शनिवार को बिलावल हाउस लाहौर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। जरदारी ने आगे कहा कि नवाज ने मेरा समर्थन लेने के लिए संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन मैंने मना कर दिया।
पढ़ें- सत्ता के लिए पूर्व प्रधानमंत्री नवाज पर अपनों ने उठाए सवाल!
उन्होंने कहा कि मैं कभी नहीं भूल सकता कि उन्होंने बेनजीर भुट्टो और मेरे साथ क्या किया। हमने उन्हें माफ कर दिया था और लोकतंत्र के चार्टर पर हस्ताक्षर किया था। लेकिन फिर भी नवाज ने मुझे धोखा दिया और ‘मेमोगेट’ मामले में अदालत जाकर मुझे गद्दार साबित करने की कोशिश की।
जरदारी ने कहा कि वे इस बार शरीफ भाईयों पर भरोसा नहीं करेंगे और उनके साथ कोई समझौता भी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दोनों भाई गिरगिट की तरह अपना रंग बदलते हैं क्योंकि जब वे परेशानी में होते हैं तब आपके साथ आने के लिए तैयार हो जाते हैं और जब उन्हें सत्ता मिल जाती है तो आप पर तेजी से हमला करते हैं।
वहीं ऐसी भी खबरें आ रहीं हैं कि जरदारी सेना के साथ अपने रिश्तों को सुधारने में लगे जिसकी वजह से ही वह शरीफ के साथ गठबंधन नहीं कर रहे हैं।