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मतभेदों को सुलझाने का तरीका समझौते में मौजूद, सिंधु जल संधि पर बोले पाक पीएम
एजेंसी, न्यूयॉर्क
Updated Fri, 22 Sep 2017 03:57 AM IST
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा है कि सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान के बीच के मतभेदों को सुलझाने का तरीका समझौते के भीतर ही मौजूद है।
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सिंधु जल संधि पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में अब्बासी ने कहा कि संधि के भीतर ही मतभेदों को सुलझाने के प्रावधान दिए गए हैं। एक शीर्ष अमेरिकी थिंक-टैंक काउंसिल ऑन फॉरन रिलेशन्स द्वारा बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में अब्बासी ने कहा, ‘यह अब एक कानूनी मसला है और इसे समझौते के संदर्भ में ही सुलझाया जा सकता है।’
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अब्बासी ने कहा, ‘पहले दिन से ही हमारा यह रुख रहा है कि इस मुद्दे को समझौते के प्रावधानों के मुताबिक सुलझाया जाना चाहिए जो कि बहुत स्पष्ट हैं। मुझे लगता है कि विश्व बैंक भी हमारे नजरिए की सराहना करेगा।’
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सिंधु जल संधि पर विश्व बैंक के संरक्षण में भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का पिछला दौर 14 और 15 सितंबर को हुआ था जो बिना किसी समझौते के खत्म हो गया था।
रातल और किशनगंगा पनबिजली परियोजनाओं पर भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरे चरण की बातचीत वाशिंगटन में विश्व बैंक के मुख्यालय में हुई थी। इन परियोजनाओं पर इस्लामाबाद ने आपत्ति जताई थी। विश्व बैंक की मदद से भारत और पाकिस्तान के बीच नौ साल चली लंबी बातचीत के बाद वर्ष 1960 में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर हुए थे। विश्व बैंक भी इसमें एक हस्ताक्षरकर्ता था।