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पाकिस्तान में 26/11 की सुनवाई टली
इसलामाबाद/एजेंसी
Updated Tue, 25 Sep 2012 11:27 PM IST
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2008 में मुंबई पर हुए 26/11 हमला मामले की पाकिस्तानी अदालत में चल रही सुनवाई आगामी 29 सितंबर तक टाल दी गई है। खबरों में बताया गया कि न्यायाधीश के अनुपस्थित होने के कारण यह कदम उठाया गया। लश्कर कमांडर जकीउर रहमान लखवी समेत सात लोग इस मामले के संदिग्धों में शामिल हैं। रावलपिंडी में अदालत के अधिकारियों ने बताया कि सुनवाई शनिवार तक स्थगित कर दी गई है।
तत्काल यह पता नहीं चल सका कि न्यायाधीश अस्वस्थ थे या छुट्टी पर। आज की सुनवाई में अभियोजन पक्ष के पांच गवाहों की गवाही मुकर्रर थी। बीत 15 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई पर भी संघीय जांच एजेंसी के तीन अधिकारी अदियाला जेल (यहीं मामले की सुनवाई चल रही है) में सुनवाई के लिए आए थे, लेकिन उनकी गवाही नहीं दे हो पाई थी।
रावलपिंडी स्थित आतंकवाद रोधी अदालत के जज चौधरी हबीबुर्र रहमान ने लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद की ओर से दाखिल एक याचिका भी स्वीकार की जिसमें कहा गया है कि अभियोजन पक्ष के सभी गवाहों को एक ही विषय पर गवाही देने के लिए एक ही सुनवाई में समन किया जाना चाहिए। सुरक्षा कारणों से मामले की सुनवाई अदियाला जेल में बंद दरवाजों के पीछे हुई। पाकिस्तानी प्रशासन ने हाल ही में जेल की सुरक्षा बढ़ा दी थी।
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ऐसी खबरें मिली थीं कि तालिबान वहां बंद अपने आतंकवादियों को छुड़वाने के लिए हमला कर सकता है। गृह मंत्री रहमान मलिक ने हाल ही में कहा था कि पाकिस्तान की योजना हमले के मुख्य गवाहों से जिरह करने के लिए एक दूसरा न्यायिक आयोग भारत भेजने की है ताकि सात पाकिस्तानी संदिग्धों के अभियोजन को गति दी जा सके।
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तत्काल यह पता नहीं चल सका कि न्यायाधीश अस्वस्थ थे या छुट्टी पर। आज की सुनवाई में अभियोजन पक्ष के पांच गवाहों की गवाही मुकर्रर थी। बीत 15 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई पर भी संघीय जांच एजेंसी के तीन अधिकारी अदियाला जेल (यहीं मामले की सुनवाई चल रही है) में सुनवाई के लिए आए थे, लेकिन उनकी गवाही नहीं दे हो पाई थी।
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रावलपिंडी स्थित आतंकवाद रोधी अदालत के जज चौधरी हबीबुर्र रहमान ने लखवी के वकील ख्वाजा हैरिस अहमद की ओर से दाखिल एक याचिका भी स्वीकार की जिसमें कहा गया है कि अभियोजन पक्ष के सभी गवाहों को एक ही विषय पर गवाही देने के लिए एक ही सुनवाई में समन किया जाना चाहिए। सुरक्षा कारणों से मामले की सुनवाई अदियाला जेल में बंद दरवाजों के पीछे हुई। पाकिस्तानी प्रशासन ने हाल ही में जेल की सुरक्षा बढ़ा दी थी।
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ऐसी खबरें मिली थीं कि तालिबान वहां बंद अपने आतंकवादियों को छुड़वाने के लिए हमला कर सकता है। गृह मंत्री रहमान मलिक ने हाल ही में कहा था कि पाकिस्तान की योजना हमले के मुख्य गवाहों से जिरह करने के लिए एक दूसरा न्यायिक आयोग भारत भेजने की है ताकि सात पाकिस्तानी संदिग्धों के अभियोजन को गति दी जा सके।