{"_id":"64de450b9abb508da20bd896","slug":"pakistan-yasin-malik-s-wife-mushaal-included-on-interim-cabinet-know-about-her-2023-08-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Mushaal Mullick: यासीन मलिक की बेगम मुशाल पाकिस्तान की अंतरिम सरकार में मंत्री बनी; जानें इनके बारे में सब कुछ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Mushaal Mullick: यासीन मलिक की बेगम मुशाल पाकिस्तान की अंतरिम सरकार में मंत्री बनी; जानें इनके बारे में सब कुछ
Thu, 17 Aug 2023 09:37 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Thu, 17 Aug 2023 09:37 PM IST
सार
पाकिस्तान में गुरुवार को नवनियुक्त कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर की 18 सदस्यीय कैबिनेट को शपथ दिलाई गई। इस मंत्रिमंडल में अलगाववादी नेता यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को भी शामिल किया है। मुशाल की मां रेहाना हुसैन मलिक पीएमएल-एन महिला विंग की महासचिव थीं।
विज्ञापन
Yasin Malik with Mushal Hussain Malik
- फोटो : Agency (File Photo)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान में गुरुवार को कार्यवाहक सरकार का गठन हो गया। नवनियुक्त कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर की 18 सदस्यीय कैबिनेट को शपथ दिलाई गई। इस मंत्रिमंडल में अलगाववादी नेता यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को भी शामिल किया है।
मुशाल काकर की कैबिनेट में पूर्ण दर्जे वाले मंत्री नहीं होंगी। वह मानवाधिकार मामलों के लिए प्रधानमंत्री के विशेष सहायक के रूप में काम करेंगी।
2009 में अलगाववादी नेता यासीन मलिक से शादी
मशाल ने कई वर्षों तक कश्मीर और भारत विरोधी अभियान चलाया है। उन्होंने 22 फरवरी 2009 को रावलपिंडी में अलगाववादी नेता यासीन मलिक से शादी की। दोनों की मुलाकात तब हुई जब यासीन 2005 में पाकिस्तान के दौरे पर था। मुशाल ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातक की डिग्री हासिल की है।
उनकी मां रेहाना हुसैन मलिक पीएमएल-एन महिला विंग की महासचिव थीं, जबकि उनके पिता एमए हुसैन मलिक एक अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्री थे। हुसैन बॉन विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रमुख थे और नोबेल पुरस्कार जूरी के पहले पाकिस्तानी सदस्य थे। मशाल इस्लामाबाद में अपनी 12 वर्षीय बेटी रजिया सुल्ताना के साथ रहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुशाल काकर की कैबिनेट में पूर्ण दर्जे वाले मंत्री नहीं होंगी। वह मानवाधिकार मामलों के लिए प्रधानमंत्री के विशेष सहायक के रूप में काम करेंगी।
2009 में अलगाववादी नेता यासीन मलिक से शादी
मशाल ने कई वर्षों तक कश्मीर और भारत विरोधी अभियान चलाया है। उन्होंने 22 फरवरी 2009 को रावलपिंडी में अलगाववादी नेता यासीन मलिक से शादी की। दोनों की मुलाकात तब हुई जब यासीन 2005 में पाकिस्तान के दौरे पर था। मुशाल ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातक की डिग्री हासिल की है।
विज्ञापन
उनकी मां रेहाना हुसैन मलिक पीएमएल-एन महिला विंग की महासचिव थीं, जबकि उनके पिता एमए हुसैन मलिक एक अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्री थे। हुसैन बॉन विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रमुख थे और नोबेल पुरस्कार जूरी के पहले पाकिस्तानी सदस्य थे। मशाल इस्लामाबाद में अपनी 12 वर्षीय बेटी रजिया सुल्ताना के साथ रहती हैं।
विज्ञापन
पेशी के लिए कोर्ट जाता यासीन मलिक
- फोटो : भूपिंदर सिंह
कौन है यासीन मालिक?
1990 में एयरफोर्स के चार जवानों की हत्या और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण के लिए कुख्यात यासीन मलिक को आतंकी और अलगाववादी गतिविधि में शामिल रहने के चलते उम्रकैद की सजा दी गई है। एनआईए ने उसकी उसकी गतिविधियों को भारत की अखंड़ता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए मौत की सजा की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है। यासीन को दो अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा मिली है। इसके अलावा मलिक को पांच अलग-अलग मामलों में 10-10 साल और तीन अलग-अलग मामलों में 5-5 साल कैद की सजा सुनाई थी।
1990 में एयरफोर्स के चार जवानों की हत्या और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण के लिए कुख्यात यासीन मलिक को आतंकी और अलगाववादी गतिविधि में शामिल रहने के चलते उम्रकैद की सजा दी गई है। एनआईए ने उसकी उसकी गतिविधियों को भारत की अखंड़ता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए मौत की सजा की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है। यासीन को दो अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा मिली है। इसके अलावा मलिक को पांच अलग-अलग मामलों में 10-10 साल और तीन अलग-अलग मामलों में 5-5 साल कैद की सजा सुनाई थी।