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पाकिस्तान: एक तरफ तालिबान का साथ, दूसरी तरफ अमेरिका से दोस्ती का हाथ
Tue, 07 Sep 2021 05:10 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Tue, 07 Sep 2021 05:10 PM IST
सार
अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत डॉ असद मजीद खान के हवाले से डॉन लिखता है कि पाकिस्तान को उन नागरिकों को पनाह देने और उन्हें वापस उनके मुल्क भेजने में कोई एतराज नहीं है, जो अफगानिस्तान में नहीं रहना चाहते। अब तक करीब नौ हजार से ज्यादा लोग अफगानिस्तान से पाकिस्तान आ चुके हैं और पाकिस्तान उनको उनके देश वापस पहुंचाने में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से बातचीत करके पूरी मदद कर रहा है...
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प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो : ANI (File Photo)
विस्तार
अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे और तालिबान की हिमायत करने वाले पाकिस्तान की कोशिश है कि वह अमेरिका से भी अपने रिश्ते न बिगाड़े। इसके लिए पाकिस्तान ने उन अमेरिकियों को वापस उनके मुल्क भेजने के लिए अपना जमीनी रास्ता खोल दिया है जो अब भी अफगानिस्तान में फंसे हैं और जिसे अब सीधे अमेरिका हवाई रास्ते से वहां नहीं ले जा पा रहा। ऐसे कई अमेरिकी जमीन के रास्ते से तालिबान से बचते बचाते सीमा पार करने में कामयाब हो गए हैं और पाकिस्तान ने ऐसे अमेरिकियों को वापस भेजने के लिए हर संभव मदद देने का वादा किया है। फिलहाल ऐसे चार अमेरिकी नागरिक हैं जो भागकर पाकिस्तान की सीमा में आ गए हैं।
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पाकिस्तान के अखबार डॉन की खबर के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन चार अमेरिकी नागरिकों को बधाई दी है जो किसी तरह बचते बचाते अफगानिस्तान की सीमा पार कर चुके हैं। अमेरिकी फौज की वापसी के बाद ये ऐसे पहले चार अमेरिकी नागरिक हैं जो उस देश की सीमा में पहुंच गए हैं जिसकी अमेरिका मदद करता रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम तो नहीं लिया लेकिन पाकिस्तान ही वो मुल्क है जिसकी सरहद अपगानिस्तान के सबसे करीब है।
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अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत डॉ असद मजीद खान के हवाले से डॉन लिखता है कि पाकिस्तान को उन नागरिकों को पनाह देने और उन्हें वापस उनके मुल्क भेजने में कोई एतराज नहीं है, जो अफगानिस्तान में नहीं रहना चाहते। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि अभी तक ये साफ नहीं है कि इन अमेरिकी नागरिकों ने भागने के लिए कौन सा जमीनी रास्ता चुना है। लेकिन पाकिस्तान ऐसे तमाम नागरिकों को पूरी मदद देगा जो बदली हुई स्थितियों में अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं।
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राजदूत असद मजीद खान का कहना है कि अब तक करीब नौ हजार से ज्यादा लोग अफगानिस्तान से पाकिस्तान आ चुके हैं और पाकिस्तान उनको उनके देश वापस पहुंचाने में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से बातचीत करके पूरी मदद कर रहा है। अमेरिकी मीडिया ने भी पाकिस्तान की इस भूमिका की तारीफ की है और कहा कि इस समय पाकिस्तान नागरिकों को अफगानिस्तान से निकालने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।