Pakistan: सेना से टकराव से बढ़ा कर अपने लिए जोखिम बेहद बढ़ा लिया है इमरान खान ने
Pakistan: सेना के जन संपर्क विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान की सेना इमरान खान के ‘सेना विरोधी बयानों’ से आहत है। जनसंपर्क विभाग ने कहा कि ‘खान के सेना के वरिष्ठ नेतृत्व को कलंकित करने वाले और अवांछित बयानों से सेना को सदमा लगा है
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पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति के बारे में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान से उठा विवाद और सुलगता जा रहा है। पाकिस्तान की सियासत पर नजर रखने वाले पर्यवेक्षकों के मुताबिक पहले से ही नाराज सेना को और भड़का कर इमरान खान ने अपने लिए जोखिम और बढ़ा लिया है। ये आम समझ है कि पाकिस्तान में सत्ता की असली सूत्रधार हमेशा सेना रहती है।
रविवार को दिए इमरान खान के बयान पर सोमवार को सेना ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया जताई। उधर शहबाज शरीफ सरकार को भी इस घटनाक्रम से इमरान खान पर शिकंजा कसने का नया मौका मिला है। आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही इमरान खान के खिलाफ पहले से चल रहे और नए मामलों में भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को आरोप लगाया कि इमरान नफरत फैलाने और संस्थाओं को बदनाम करने की अपनी मुहिम अब नई ऊंचाइयों तक ले गए हैं।
सेना के जन संपर्क विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान की सेना इमरान खान के ‘सेना विरोधी बयानों’ से आहत है। जन संपर्क विभाग ने कहा कि ‘खान के सेना के वरिष्ठ नेतृत्व को कलंकित करने वाले और अवांछित बयानों से सेना को सदमा लगा है। यह अफसोस की बात है कि जिस समय सैनिक लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी जान दे रहे हैं, उस समय सेना के वरिष्ठ नेतृत्व की साख खत्म करने और उस पर लांछन लगाने की कोशिश की जा रही है।’
इमरान खान ने रविवार को फैसलाबाद में अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की एक सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि मौजूदा सरकार अपने पसंदीदा अफसर को अगला सेनाध्यक्ष बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा था कि ऐसी कोशिश इसलिए हो रही है, क्योंकि अगर कोई देशभक्त सेनाध्यक्ष बना, तो वह वर्तमान सत्ताधारियों से गलत तरीके से कमाए गए पैसे का हिसाब मांगेगा। गौरतलब है कि मौजूदा सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा नवंबर में रिटायर्ड होने वाले हैं।
इस बयान के बाद पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी ऑथरिटी ने देश के सभी टीवी चैनलों को निर्देश जारी किया है कि वे ऐसे किसी बयान का प्रसारण ना करें, जिसमें सरकारी संस्थाऩों को निशाना बनाया गया हो। सोमवार शाम को खबर आई कि पीटीआई समर्थक माने जाने वाले मीडिया संस्थान- बोल न्यूज को बंद करवा दिया गया है। इसके पहले इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने ऑथरिटी को को ‘अवांछित और आपत्तिजनक विचारों’ के प्रसारण पर रोक लगाने का निर्देश दिया था।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आरोप लगाया है कि इमरान खान अराजकता फैलाने और देश को कमजोर करने के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैँ। उधर रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि अब इमरान खान के खिलाफ ‘लंबी कानूनी लड़ाई’ शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के विधि विशेषज्ञ मामले की जांच कर रहे हैं और उनकी सलाह के मुताबिक कदम उठाए जाएंगे।
पर्यवेक्षकों ने कहा है कि इमरान खान ताजा बयान पर सेना, सरकार, और न्यायपालिका एक सुर में बोलते नजर आई हैं। यह इमरान खान के लिए जोखिम भरा संकेत है।