Pakistan: सिरबाज ने बिना ऑक्सिजन फतह किया एवरेस्ट, अब तक 11 चोटियों पर कर चुके हैं चढ़ाई
सिरबाज खान बिना ऑक्सीजन इससे पहले, 8,000 मीटर से अधिक की 11 चोटियों को फतेह कर चुके हैं। वहीं, अन्नपूर्णा और कंचनजंगा पर चढ़ाई के दौरान खान ने ऑक्सिजन का इस्तेमाल किया था।
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पाकिस्तान के एक पर्वतारोही ने मंगलवार को एक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के ही माउंट एवरेस्ट फतेह कर लिया। सिरबाज खान स्थानीय समय के अनुसार, 12:30 बजे एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचे और बिना ऑक्सीजन वापस नीचे आने वाले दूसरे पाकिस्तानी बन गए। इससे पहले, खान ने ऑक्सीजन की मदद से चढ़ाई की थी।
अब तक इन 11 चोटियों को कर चुके हैं फतह
सिरबाज खान बिना ऑक्सीजन इससे पहले, 8,000 मीटर से अधिक की 11 चोटियों को फतेह कर चुके हैं। वहीं, अन्नपूर्णा और कंचनजंगा पर चढ़ाई के दौरान खान ने ऑक्सिजन का इस्तेमाल किया था। 2024 की शुरुआत में खान शिशापंगमा चोटी पर भी चढ़ने वाले थे लेकिन चीनी सरकार ने पर्वतारोहण के लिए इनकार कर दिया। खान दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों में से 10 पर चढ़ने वाले पहले पाकिस्तानी बन गए हैं।
पाकिस्तान की सरकारी पर्वतारोहण संस्था अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान ने इससे पहले एक बयान में बताया था कि शनिवार सुबह सात बजे खान दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी 8,586 मीटर कंचनजंगा की चोटी पर खड़े थे। इस दौरान उनका एक साथी और था।
24 साल की उम्र में बने पर्वतारोही
खान पाकिस्तान के उत्तरी गिलगित-बाल्टिस्तान की हुंजा घाटी के रहने वाले हैं। 32 साल के खान ने 2016 में पर्वतारोही के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। इस दौरान वे महज 24 साल के थे। तीन साल बाद खान माउंट ल्होत्से पर चढ़ने वाले पहले पाकिस्तानी बन गए। खान को उम्मीद है कि वे दुनिया के उन सभी 14 पहाड़ों को फतह कर लेंगे, जिनकी ऊंचाई आठ हजार मीटर से अधिक थी।
नेपाल-तिब्बत की सीमा पर स्थित है माउंट एवरेस्ट
दुनिया में सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला माउंट एवरेस्ट है। माउंट एवरेस्ट हिमालय पर्वत का हिस्सा है। माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8,848 मीटर है। ये पर्वत हिमालय में नेपाल और तिब्बत के बीच सीमा पर स्थित है। इसे नेपाल में सागरमाथा यानी "स्वर्ग का द्वार" कहा जाता है और तिब्बत में इसे चोमोलंगमा यानी 'पर्वतों की रानी' के नाम से जाना जाता है।