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Pakistan: पंजाब प्रांत में हिंसक प्रदर्शनों के बीच तीन दिन के लिए स्कूल-कॉलेज बंद, 600 से अधिक छात्र गिरफ्तार

Fri, 18 Oct 2024 11:10 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 18 Oct 2024 11:10 PM IST
सार

Pakistan: पंजाब सरकार ने कहा, सभी सार्वजनिक और निजी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय शुक्रवा से रविवार तक बंद रहेंगे। प्रांत की पुलिस ने कहा कि उसने पूरे प्रांत में 600 से अधिक छात्रों को गिरफ्तार किया है।

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Pakistan’s Punjab province closes educational institutions for 3 days to contain student protests
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार ने छात्रों के बढ़ते प्रदर्शनों के बीच शिक्षण संस्थानों को तीन दिन के लिए बंद करने का फैसला लिया है।  कॉलेज परिसर में एक छात्रा से कथित तौर पर दुष्कर्म के खिलाफ छात्र यह प्रदर्शन कर रहे हैं। मरियम नवाज के नेतृत्व वाली सरकार ने शुक्रवार की नमाज के बाद छात्रों और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई के प्रदर्शनों के मद्देनजर सभी सार्वजनिक आयोजों पर भी रोक लगा दी है। पीटीआई के नेता और कार्यकर्ता इमरान खान की रिहाई और न्यायपालिका की आजादी के मांग के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। 

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600 से ज्यादा छात्रों को किया गिरफ्तार: पंजाब पुलिस
पंजाब सरकार ने कहा, सभी सार्वजनिक और निजी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय शुक्रवा से रविवार तक बंद रहेंगे। प्रांत की पुलिस ने कहा कि उसने पूरे प्रांत में 600 से अधिक छात्रों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि गिरफ्तार किए गए कई छात्रों को उनके माता-पिता से बात करने के बाद छोड़ दिया गया है। वहीं, छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि पुलिस ने छात्रों के साथ बर्बरता की, जिससे कई छात्र घायल हुए  हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस छात्रों के साथ अपराधियों की तरह व्यवहार कर रही है। 
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छात्रा से दुष्कर्म के सबूत नहीं मिले: मरियम नवाज 
प्रांत के कई शहरों में सोमवार से हिंसक प्रदर्शन जारी हैं। सोशल मीडिया पर यह खबर सामने आई थी कि लाहौर के पंजाब कॉलेज फॉर वुमेन में एक छात्रा के साथ एक सुरक्षा कर्मी ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। छात्रों के प्रदर्शनों में कम से कम पचास छात्र घायल हुए हैं। जिनमें से तीन की हालत गंभीर है। इस बीच, मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने कहा कि दुष्कर्म का कोई सबूत नहीं मिला है और यह खबर फर्जी है। 
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मरियम नवाज सरकार ने कहा कि मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति और खतरे के मद्देनजर किसी भी तरह का प्रदर्शन या जुलूस दहशतगर्दों और अपराधियों का निशाना बन सकता है, जिससे न केवल सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। बल्कि इससे जनता की शांति-व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।


एफआईए की वरिष्ठ पत्रकारों-वकीलों के खिलाफ कार्रवाई
इस बीच,  संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) की साइब अपराध शाखा ने कुछ वरिष्ठ पत्रकारों, वकीलों और टिकटॉक यूजर्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जिन पर कथित दुष्कर्म की कहानी गढ़ने का आरोप लगाया  गया है। एफआईए ने नेशनल असेंबली के कर्मचारी राजा अहसान नवीद, वकील फैसल जट्ट और टिक टॉक यूजर और ब्लॉगर उमर दाराज गोंडाल को गिरफ्तार किया है। उनके ऊपर छात्रों को सशस्त्र और हिंसक प्रदर्शनों के लिए भड़काने का आरोप लगाया गया है। प्राथमिकी में 38 वरिष्ठ पत्रकारों और टिकटॉक यूजर्स के नाम शामिल हैं। 

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