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Pakistan: पाकिस्तान में सियासत के लिए अब कुरान का सहारा! विरोध में कूदे सत्ता पक्ष और विपक्ष

Wed, 05 Jul 2023 02:54 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 05 Jul 2023 02:54 PM IST
सार

स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में कुरान का अपमान किया गया था। पहले वहां अधिकारियों ने एक व्यक्ति को ऐसा करने की इजाजत दी थी। लेकिन जब इस घटना के विरोध में इस्लामी देशों में स्वीडन में बने सामानों का बहिष्कार शुरू हो गया, तो स्वीडन सरकार ने इस घटना की निंदा की...

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Pakistan: ruling party and the opposition opposing the quran burning in sweden
sweden quran - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

स्वीडन में कुरान जलाए जाने की घटना पाकिस्तान में अंदरूनी सियासत का सहारा बन गई है। इस घटना से मुस्लिम समुदाय की भड़की भावनाओं का फायदा उठाने की होड़ में देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां कूद पड़ी हैं। इस मामले में पहल पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने की। सोमवार को उन्होंने देशवासियों का आह्वान किया था कि वे अगले शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद इस घटना पर विरोध जताने के लिए सड़कों पर उतरें। मंगलवार को सत्ता पक्ष ने भी इस होड़ में कूदने का फैसला किया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एलान किया है कि शुक्रवार को देश भर में ‘पवित्र कुरान दिवस’ मनाया जाएगा।

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स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में कुरान का अपमान किया गया था। पहले वहां अधिकारियों ने एक व्यक्ति को ऐसा करने की इजाजत दी थी। लेकिन जब इस घटना के विरोध में इस्लामी देशों में स्वीडन में बने सामानों का बहिष्कार शुरू हो गया, तो स्वीडन सरकार ने इस घटना की निंदा की। इसके बावजूद पाकिस्तान समेत अन्य मुस्लिम देशों में इस घटना पर विरोध जताने का सिलसिला जारी है।

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मंगलवार को शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की एक बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया कि सात जुलाई को यौम-ए-तकद्दुस-ए-कुरआन (कुरान की पवित्रता का दिन) मनाया जाएगा। उस रोज देश भर में प्रतिरोध रैलियां आयोजित की जाएंगी। शहबाज शरीफ ने सभी राजनीतिक दलों सहित तमाम देशवासियों से अपील की है कि वे इन रैलियों में हिस्सा लें। पीएमएल-नवाज की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा है- ‘पूरे कौम को एक स्वर में शैतान दिमागों को अपना संदेश भेजना चाहिए।’

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इस बीच शहबाज शरीफ सरकार ने गुरुवार को संसद के दोनों सदनों- नेशनल असेंबली और सीनेट- का साझा सत्र आयोजित करने का फैसला किया है। इसमें स्वीडन की घटना के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। शहबाज शरीफ ने कहा है- ‘कौम की भावनाओं को संसद के मंच पर पूर्ण अभिव्यक्ति दी जाएगी। कुरान का सम्मान हमारे मजहब का हिस्सा है और इस मुद्दे पर हम सभी एकजुट हैं।’

उधर पाकिस्तान और अन्य मुस्लिम देशों के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार परिषद की एक विशेष बैठक भी बुलाई गई है। परिषद के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान और अन्य देशों ने ‘कुछ यूरोपीय और अन्य देशों में कुरान का अपमान करने की लगातार हो रही घटनाओं’ पर चर्चा के लिए परिषद की विशेष बैठक बुलाने की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

पर्यवेक्षकों की राय है कि स्वीडन की घटना से पाकिस्तान सरकार को देश में चल रहे राजनीतिक तनाव और आर्थिक संकट से लोगों का ध्यान हटाने का मौका मिला है। इसीलिए वह इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सक्रियता दिखा रही है। स्वीडन में कुरान को जलाने की घटना बीते 28 जून को हुई थी। उस पर इस्लामी देशों में कड़ी प्रतिक्रिया हुई। इधर पाकिस्तान में इमरान खान ने विरोध जताने में बढ़त ले ली। अब पीएमएल-नवाज उससे इस होड़ में आगे निकलने में जुट गई है।

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