फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   pakistan rejects unhcr warning on afghans deportation nearly 17 lakh would afghanistan effected

Pakistan: 17 लाख अफगानियों से क्यों घबराया पाकिस्तान? संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी के बावजूद वापस भेजने पर अड़ा

Tue, 31 Oct 2023 08:58 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 31 Oct 2023 08:58 AM IST
सार

पाकिस्तान सरकार ने अवैध शरणार्थियों को स्वैच्छिक रूप से चले जाने की समय सीमा तय की थी, जो 31 अक्तूबर को खत्म हो रही है। अब एक नवंबर से जबरन अवैध शरणार्थियों को निकालने की कवायद शुरू हो जाएगी। 

विज्ञापन
pakistan rejects unhcr warning on afghans deportation nearly 17 lakh would afghanistan effected
पाकिस्तान में लाखों अवैध अफगानी रहते हैं - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान एक नवंबर से देश में रह रहे अवैध अफगानी लोगों को निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान को ऐसा नहीं करने की चेतावनी भी दी लेकिन पाकिस्तान ने चेतावनी को खारिज कर दिया है और कहा है कि अफगानी नागरिकों का निर्वासन अंतरराष्ट्रीय नियमों और सिद्धांतों के अनुरूप ही किया जा रहा है। 
विज्ञापन


पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र की बात मानने से किया इनकार
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जाहरा बलोच ने दोहराया कि 'पाकिस्तान सरकार सभी अवैध शरणार्थियों को निर्वासित करेगी फिर चाहे वो किसी भी देश या राष्ट्रीयता के हो। यह फैसला पाकिस्तान की संप्रभुता के लिए है।' बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने अवैध शरणार्थियों को स्वैच्छिक रूप से चले जाने की समय सीमा तय की थी, जो 31 अक्तूबर को खत्म हो रही है। अब एक नवंबर से जबरन अवैध शरणार्थियों को निकालने की कवायद शुरू हो जाएगी। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनएचसीआर (United nations high commissioner for refugees) ने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान ने अगर दस लाख से ज्यादा अवैध अफगानियों को निर्वासित किया तो इससे मानवीय आपदा आ सकती है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने पाकिस्तान से अवैध शरणार्थियों का निर्वासन रोकने की अपील की थी। 
विज्ञापन


पाकिस्तान में 17 लाख अवैध अफगानी
यूएनएचसीआर की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने शुक्रवार को कहा कि 'हम इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि जो लोग निर्वासित किए जाएंगे उन्हें शोषण, गिरफ्तारी और हिरासत और भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही उनके लिए आधारभूत आर्थिक और सामाजिक जरूरतों की भी कमी होगी। इससे गंभीर मानव अधिकारों का संकट पैदा हो सकता है।' यूएनएचसीआर के मुताबिक पाकिस्तान में अभी 37 लाख से ज्यादा अफगान शरणार्थी रहते हैं। इनमें से 7 लाख साल 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता संभालने के बाद पाकिस्तान पहुंचे हैं। यूएनएचसीआर के मुताबिक पाकिस्तान में करीब 17 लाख अवैध अफगानी शरणार्थी हो सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यूएनएचसीआर की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा अवैध शरणार्थियों को वापस भेजने के एलान के बाद से करीब 60 हजार अफगानी पहले ही अफगानिस्तान लौट चुके हैं। इनमें से 78 प्रतिशत पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि जो  शरणार्थी पाकिस्तान में वैध रूप से रह रहे हैं, उन्हें निर्वासित नहीं किया जाएगा। 


जानिए क्यों अवैध अफगानियों को निर्वासित कर रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान की सरकार देश में बढ़ती कट्टरता से परेशान है। पाकिस्तान में हाल के सालों में इस्लामी कट्टरपंथियों के कई हमले हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल पाकिस्तान में हुए 24 आत्मघाती हमलों में से 14 अफगान नागरिकों ने किए हैं। साथ ही पाकिस्तान अफगानिस्तान की सीमा, कट्टरपंथियों का गढ़ बन गई है। आतंकी संगठन तहरीक ए तालिबान के उभार में भी पाकिस्तान में बैठे कट्टरपंथियों ने अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति भी इन दिनों खराब दौर से गुजर रही है। यही वजह है कि अब पाकिस्तान की सरकार अवैध अफगानियों से छुटकारा पाना चाहती है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed