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पाकिस्तान ने पहले बताई जैश मुख्यालय के कब्जे की बात, फिर वेबसाइट से किया डिलीट
Sat, 23 Feb 2019 10:58 AM IST
अनिल पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अनिल पांडेय
Updated Sat, 23 Feb 2019 10:58 AM IST
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बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर
- फोटो : Amar Ujala
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पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने पहली बार माना कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कैंपस बहावलपुर में हैं। हालांकि इसकी घोषणा करने के एक घंटे बाद ही प्रेस सूचना विभाग (पीआईडी) की वेबसाइट से इसे डिलीट कर दिया गया था। मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने बहावलपुर के जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) मुख्यालयों का प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है।
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इतने सालों में पहली बार ऐसा हुआ है कि कैंपस जो लाहौर से 430 किलोमीटर दूर है उसे जेईएम का मुख्यालय माना गया है। यह वह आतंकी संगठन है जिसका संचालन मसूद अजहर करता है और उसने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। पाकिस्तान सरकार की मीडिया शाखा, पीआईडी ने दो ट्वीट किए थे।
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पाकिस्तान के डॉन न्यूज ने बाद में बताया कि आतंरिक मंत्रालय ने बाद में एक ताजा बयान जारी किया। जिसमें दावा किया गया कि बहावलपुर का परिसर पूरी तरह से मदरसा है और जामिया मस्जिद (केंद्रीय मस्जिद) में अनाथ और अल्प वंचित परिवारों के छात्र धार्मिक और सांसारिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सरकार ने परिसर को अपने कब्जे में क्यों लिया इसका खुलासा नहीं किया गया है।
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शुरुआती बयान में यह रेखांकित किया गया था कि सरकार ने परिसर को अपने नियंत्रण ले लिया था। ऐसा प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में कल आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक के निर्णय के बाद लिया गया। इस बैठक के बाद यह फैसला लिया गया कि सरकार ने कल हाफिज सईद के जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर लगे प्रतिबंध को बहाल कर दिया गया।
इससे पहले पाकिस्तान ने जेयूडी के केंद्रों और कार्यालयों पर मुंबई हमले के बाद अपने कब्जे में ले लिया था और उसपर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि कुछ महीनों बाद ही इसे हटा दिया गया था। पाकिस्तान पर इस समय आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अतंरराष्ट्रीय दबाव बना हुआ है। भारत ने पुलवामा हमले का जवाब देने की प्रतिज्ञा ली है और खान के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है जिसमें उसका कहना है कि यदि नई दिल्ली उन्हें कार्रवाई योग्य जानकारी मुहैया करवाती है तो वह उसकी जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।