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क्या चाहता है पाक: प्रतिबंधित आतंकी संगठन टीटीपी से किया समझौता, आतंकवादियों को रिहा करने की तैयारी
Fri, 05 Nov 2021 08:51 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 05 Nov 2021 08:51 PM IST
सार
आतंकियों की पनाहगाह के रूप में पूरी दुनिया में कुख्यात पाकिस्तान अब एक आतंकी संगठन के साथ समझौता करने के लिए बातचीत कर रही है। जानकारी के अनुसार दोनों के बीच एक अस्थायी समझौता हो भी गया है और इसके लिए पाकिस्तान सरकार इसके कुछ आतंकियों की रिहाई करने वाली है।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
पाकिस्तान सरकार अफगानिस्तान के कार्यवाहक आंतरिक मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी की मदद के साथ प्रतिबंधित आतंकी संगठन टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के साथ बातचीत कर रही है। पाकिस्तानी मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार इस वार्ता का लक्ष्य सीमा शांति समझौता और देश में लगभग दो दशक से चल रहे आतंकवाद को समाप्त करना है। रिपोर्ट के अनुसार पाक सरकार और टीटीपी फिलहाल एक अस्थायी संघर्ष विराम पर सहमत हो गए हैं।
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टीटीपी ने रखी है अपने आतंकवादियों की रिहाई की मांग
दोनों पक्षों के बीच अफगानिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी खोस्त प्रांत में लगभग दो सप्ताह से आमने-सामने चली बातचीत के बाद दोनों के एक देशव्यापी समझौते पर पहुंचने की खबर है। लेकिन, इस समझौते के बदले में टीटीपी के कुछ सदस्यों की रिहाई करने की मांग रखी गई है। पाकिस्तान के समाचार पत्र डॉन की रिपोर्ट के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने आतंकियों की रिहाई की जाएगी लेकिन सूत्रों का कहना है कि इनकी संख्या दो दर्जन से अधिक नहीं है।
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साफ नहीं कि पाकिस्तान की ओर से कौन कर रहा है वार्ता
सूत्रों ने बताया कि ये आतंकवादी सबसे निचले स्तर के टीपीपी सदस्य हैं। इनमें कोई वरिष्ठ या मध्य स्तर का कमांडर नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सतर्क हैं और अपनी तरफ से पूरी जांच कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान सरकार और टीटीपी के बीच यह समझौता इन आतंकियों की रिहाई के बाद प्रभाव में आएगा। यह भी फिलहाल साफ नहीं हो पाया है कि इस समझौते के लिए टीटीपी के साथ पाकिस्तान की ओर से बातचीत का प्रतिनिधित्व कौन कर रहा है।
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टीटीपी ने खारिज कर दिया था इमरान खान का शांति प्रस्ताव
पिछले महीने तुर्की के एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी स्वीकार किया था कि पाकिस्तान सरकार टीटीपी के साथ बातचीत के दौर में है। उन्होंने कहा था कि यह वार्ता इसलिए की जा रही है कि वह हथियार डाल दें और आम नागरिकों की तरह रहने के लिए माफी के बदले में सुलह कर सकें। टीटीपी ने इमरान का शांति प्रस्ताव यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि हमारा संघर्ष पाकिस्तान में शरिया लागू करने के लिए है।
एक करोड़ डॉलर का इनामी है बातचीत का मध्यस्थ हक्कानी
सूत्रों के अनुसार इस वार्ता में पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी और टीटीपी का वरिष्ठ नेतृत्व आमने-सामने बातचीत कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच इस समय कई प्रस्ताव हैं जिन पर चर्चा की जा रही है। सूत्रों ने स्पष्ट किया कि इन वार्ताओं में कोई आदिवासी मध्यस्थ शामिल नहीं है। दोनों पक्षों के बीच वार्ता की मध्यस्थता सिराजुद्दीन हक्कानी कर रहा है। हक्कानी एक नामित वैश्विक आतंकवादी है और उसके सिर पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है।