पाकिस्तान: इमरान खान की बौखलाहट से बढ़ रही है सियासी महौल में कड़वाहट
इमरान खान रविवार को फोन पर आम लोगों के सवालों का जवाब देने के कार्यक्रम में शामिल हुए। ‘आपका वजीर-ए-आजम, आपके साथ’ नाम के इस कार्यक्रम के दौरान एक शख्स ने पूछा कि प्रधानमंत्री विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ से क्यों नहीं मिलते हैं। इस खान ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पूरा परिवार भ्रष्टाचार में शामिल है...
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बढ़ती राजनीतिक चुनौतियों के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। इसका संकेत उनके सार्वजनिक बयानों से मिलने लगा है। एक ताजा बयान में उन्होंने नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ को ‘अपराधी’ कह दिया। अन्य विपक्षी दलों के लिए भी उन्होंने बेहद आक्रामक भाषा बोली। इमरान खान ने उन दलों को निशाना बनाते हुए कहा- ‘मैं उनको चेतावनी देना चाहता हूं। अगर मुझे सरकार से हटाया गया, तो मैं उनके लिए ज्यादा खतरनाक रूप में सामने आउंगा।’
इस बीच इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को चेतावनी दी है कि उसकी सरकार विरोधी रैलियों का जवाब वह भी पंजाब से सिंध प्रांत तक रैली निकाल कर देगी। सिंध प्रांत को पीपीपी का गढ़ समझा जाता है। महंगाई और हाल में इमरान खान सरकार के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्तें मानने के विरोध में पीपीपी ने सरकार विरोधी रैलियां आयोजित करने का कार्यक्रम घोषित कर रखा है।
नहीं मिलाएंगे शरीफ परिवार से हाथ
इमरान खान रविवार को फोन पर आम लोगों के सवालों का जवाब देने के कार्यक्रम में शामिल हुए। ‘आपका वजीर-ए-आजम, आपके साथ’ नाम के इस कार्यक्रम के दौरान एक शख्स ने पूछा कि प्रधानमंत्री विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ से क्यों नहीं मिलते हैं। इस खान ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पूरा परिवार भ्रष्टाचार में शामिल है। ऐसे में नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ से अगर वे हाथ मिलाएंगे, तो उसका मतलब भ्रष्टाचार को स्वीकृति देना होगा। खान ने कहा कि शाहबाज शरीफ पर भी अरबों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप है।
इमरान खान की इस टिप्पणी से देश में सियासी माहौल और कड़वा हो गया है। विपक्षी दलों और कई स्वतंत्र टीकाकारों ने भी खान के तेवर और जिन शब्दों का उन्होंने इस्तेमाल किया, उस पर कड़ा विरोध जताया है। थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ लेजिस्लेटिव डेवलपमेंट एंड ट्रांसपैरंसी के अध्यक्ष अहमद बिलाल महबूब ने अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून से कहा- ‘यह अधिकार किसी को नहीं है कि वह मनमाने ढंग से किसी को अपराधी बता दे। यह तय करने का हक सिर्फ अदालत को है।’ अहमद ने कहा कि ऐसी बातें करना प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता।
नवाज की पार्टी ने बयान को बताया शर्मनाक
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता और पूर्व विदेश मंत्री खुर्रम दास्तगीर ने कहा है कि अपनी नाकामियां छिपाने के लिए प्रधानमंत्री अब विपक्षी नेताओं पर बरस रहे हैँ। उन्होंने कहा- ‘बौद्धिक रूप से दिवालिया प्रधानमंत्री की हताशा और घबराहट अब खुल कर सामने आ रही है।’ पीपीपी की सूचना सचिव शाजिया मारी ने इमरान खान के इस बयान को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा- उनका तेवर और शब्द प्रधानमंत्री पद की गरिमा को गिराने वाले हैं।
फोन पर सवाल-जवाब के कार्यक्रम के दौरान इमरान खान ने मीडिया पर निशाना साधा। उन्होंने मीडिया के एक हिस्से पर माफिया से संचालित होने का इल्जाम लगाया। उन्होंने कहा कि मीडिया का ये हिस्सा देश में नकारात्मक भावनाएं फैलाने में जुटा हुआ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए टीकाकारों ने कहा है कि ऐसे बयानों से यही जाहिर होता है कि इमरान खान सरकार देश में बिगड़ती हालत को संभालने में नाकाम हो रही है। इसीलिए प्रधानमंत्री इसकी खबर देने वाले मीडिया को निशाना बना रहे हैं।