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पाक पुलिस ने कहा: इसका कोई सबूत नहीं कि अफगानी राजदूत की बेटी को अगवा किया गया था
Tue, 20 Jul 2021 12:22 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, इस्लामाबाद
पीटीआई, इस्लामाबाद
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 20 Jul 2021 12:22 AM IST
सार
अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के अपहरण की घटना से पाकिस्तान पुलिस ने इनकार किया है जबकि वह राजधानी के एफ-9 पार्क इलाके के पास मिली थीं और उनके शरीर पर मारपीट के निशान थे।
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पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी
- फोटो : डॉन न्यूज
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विस्तार
पाकिस्तान पुलिस ने सोमवार को कहा कि उन्हें इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि राजधानी से अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी का अपहरण किया गया था। पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्लाह अलीखिल की 26 वर्षीय बेटी सिलसिला अलीखिल का इस्लामाबाद में शुक्रवार को अज्ञात लोगों ने अपहरण कर उन्हें प्रताड़ित किया था और उनके साथ मारपीट की थी।
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किराए के वाहन में सवारी करते समय उनका अपहरण कर लिया गया था और कुछ घंटे बंधक बनाने के बाद छोड़ दिया गया। वह राजधानी के एफ-9 पार्क इलाके के पास मिली थीं और उनके शरीर पर मारपीट के निशान थे।
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इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) काजी जमीलुर रहमान ने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) मोईद यूसुफ के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस ने उन सभी जगहों का सीसीटीवी फुटेज एकत्रित किया है, जहां राजदूत की बेटी गई थी। इस्लामाबाद और रावलपिंडी में लगभग 300 सीसीटीवी कैमरों का डाटा एकत्र किया गया है।
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उन्होंने कहा, 'हमने जांच के लिए अपने सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया और सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद ली। उन्होंने कहा कि अभी तक अपहरण की बात साबित नहीं हुई है।
रहमान के हवाले से 'डॉन' समाचार पत्र ने खबर दी है कि रहमान ने कहा है कि पुलिस ने अपहरण के दिन राजदूत की बेटी की आवाजाही के सभी फुटेज की पड़ताल की है। उन्होंने कहा कि 'हमें जो सबूत मिले हैं उनके आधार पर अपहरण की पुष्टि नहीं होती।'
उन्होंने कहा कि 220 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई और उन सभी जगहों के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की गई, जहां वह गई थीं। अलीखिल की ओर से पुलिस को दिए गए बयान में कहा गया था कि वह एक उपहार खरीदने गई थीं और उन्होंने एक टैक्सी किराए पर ली। लौटते वक्त पांच मिनट की यात्रा के बाद टैक्सी चालक वाहन सड़क किनारे ले गया। वहीं एक और व्यक्ति आ गया और उस पर चिल्लाने लगा और उसके बाद उसने मारपीट शुरू कर दी। राजदूत की बेटी ने कहा, ‘मैं डर के मारे बेहोश हो गई।’
अलीखिल ने कहा था कि होश आने पर उन्होंने खुद को ‘गंदे स्थान’ पर पाया। इसके बाद उन्होंने पास के एक पार्क में जाने के लिए टैक्सी की और वहां से अपने पिता के सहयोगी को फोन किया, जो उन्हें घर ले कर गए।