Pakistan: पाक पीएम शहबाज शरीफ ने आईएमएफ प्रमुख से की बात, रुके हुए बेलआउट फंड को जल्द जारी करने को कहा
पीएम कार्यालय (पीएमओ) के एक बयान में कहा गया है कि शरीफ ने जॉर्जीवा के साथ आईएमएफ कार्यक्रम पर चर्चा की और उम्मीद जताई कि बेलआउट कार्यक्रम के बिंदुओं पर समन्वय से वैश्विक ऋणदाता एक या दो दिन में निर्णय ले लेंगे।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को आईएमएफ के प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उम्मीद जताई कि वैश्विक ऋणदाता एक या दो दिन के भीतर बेलआउट फंड जारी करने पर अपने निर्णय की घोषणा करेगा। 2019 विस्तारित फंड सुविधा (ईएफएफ) के तहत 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की किश्त जारी करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा पाकिस्तान की नौवीं समीक्षा अभी भी लंबित है और 30 जून को कार्यक्रम की समाप्ति तक एक सप्ताह से भी कम समय बचा हुआ है।
पीएम कार्यालय (पीएमओ) के एक बयान में कहा गया है कि शरीफ ने जॉर्जीवा के साथ आईएमएफ कार्यक्रम पर चर्चा की और उम्मीद जताई कि बेलआउट कार्यक्रम के बिंदुओं पर समन्वय से वैश्विक ऋणदाता एक या दो दिन में निर्णय ले लेंगे। पाकिस्तान ने 2019 में वाशिंगटन स्थित आईएमएफ के साथ 6.5 अरब अमेरिकी डॉलर के पैकेज पर हस्ताक्षर किए थे। योजना कई बार पटरी से उतरी और दानकर्ता के इस आग्रह के कारण कि पाकिस्तान को सभी औपचारिकताएं पूरी करनी चाहिए, पूर्ण प्रतिपूर्ति (Reimbursement ) अभी भी लंबित है।
बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान संयुक्त प्रयासों के माध्यम से आर्थिक स्थिति में सुधार के लक्ष्यों को प्राप्त करने के अपने दृढ़ संकल्प को भी दोहराया। पाकिस्तान की सरकार 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की किश्त पाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिसका भुगतान मूल रूप से पिछले साल अक्तूबर में किया जाना था, लेकिन आईएमएफ की शर्तों के कारण इसमें देरी हुई।
बयान में जॉर्जीवा के हवाले से यह भी कहा गया कि आईएमएफ चाहता है कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति में सुधार हो और वह प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना करता है। इसमें कहा गया है कि पेरिस में हुई बैठकों के संबंध में, आईएमएफ महानिदेशक ने कार्यक्रम को पूरा करने के लिए वित्त मंत्री और उनकी टीम के प्रयासों को स्वीकार किया था। पिछले सप्ताह 23 जून को हुए ग्लोबल फाइनेंसिंग समिट के मौके पर पेरिस में बैठक के दौरान जॉर्जीवा ने शहबाज शरीफ से नकदी संकट से जूझ रहे देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए बहुत आवश्यक ऋण प्राप्त करने से पहले वैश्विक ऋणदाता के कर्मचारी स्तर पर नीतिगत मतभेदों को हल करने का आग्रह किया था।
पाकिस्तान ने आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने के अपने आखिरी प्रयास में रविवार को संसद द्वारा पारित बजट में 215 अरब पाकिस्तानी रुपये के नए कर लगाए, जबकि अपने खर्चों में 85 अरब रुपये की कटौती करने का वादा किया। आईएमएफ विशेषज्ञों के साथ तीन दिनों की मैराथन बातचीत के बाद बजट में बदलाव किए गए। पाकिस्तान को तत्काल आईएमएफ ऋण की आवश्यकता है जो लगभग चार अरब अमेरिकी डालर के अपने अल्प विदेशी भंडार का समर्थन करने के लिए विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय दाताओं द्वारा अधिक धन के रास्ते खोलेगा। ऐसी आशंका है कि पाकिस्तान आईएमएफ के सक्रिय समर्थन के बिना बाहरी वित्तपोषण प्रतिबद्धताओं पर चूक (Default) कर सकता है।