पाकिस्तान: क्या इमरान खान देश को गृह युद्ध की तरफ ले जा रहे हैं?
पीटीआई ने लाहौर में मीनार-ए-पाकिस्तान के पास विशाल जनसभा का आयोजन किया। इसमें दिए लगभग एक घंटे के भाषण में इमरान ने वे सभी तमाम आरोप दोहराए, जो पिछले महीने उनकी सरकार के खिलाफ पेश हुए अविश्वास प्रस्ताव के समय से लगा रहे हैं। उन्होंने बार-बार शाहबाज शरीफ सरकार को विदेशी साजिश से बनी ‘इंपोर्टेड गवर्नमेंट’ (आयातित सरकार) कहा...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लगातार आक्रामक हो रहे तेवर और उनके लिए बढ़ रहे जनसमर्थन से पाकिस्तान का नया सत्ताधारी गठबंधन चिंतित है। इस चिंता का इजहार गुरुवार को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में भी हुआ। सदन में हुई एकतरफा चर्चा के दौरान सरकार समर्थक सांसदों ने आरोप लगाया कि इमरान खान देश को गृह युद्ध की तरफ ले जा रहे हैं। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सभी सदस्य सदन से इस्तीफा दे चुके हैं। इसलिए सदन में फिलहाल सिर्फ एक ही पक्ष मौजूद है।
समर्थकों को उकसा रहे हैं इमरान खान
नेशनल असेंबली के नए डिप्टी स्पीकर जाहिद अकरम दुर्रानी ने सदस्यों को पूर्व सरकार की आलोचना का पूरा मौका दिया। दुर्रानी सत्ताधारी गठबंधन में शामिल जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम (फजलुर) के नेता हैं। चर्चा में भाग लेते हुए पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के सांसद निसार चीमा ने कहा कि इमरान खान लोगों को पीटीआई विरोधियों के घरों पर हमला करने के लिए उकसा रहे हैं। इस तरह वे देश को गृह युद्ध की तरफ ले जा रहे हैं। इसी पार्टी के एहसानुल हक बाजवा ने कहा कि इमरान खान धर्म और राजनीति का मेल कर रहे हैं। उन्होंने इमरान खान के खिलाफ कुछ निजी और अपमानजनक टिप्पणियां भी कीं, जिन्हें डिप्टी स्पीकर ने कार्यवाही से निकाल दिया।
जिस रोज सदन में ये चर्चा हुई, उसी रात (गुरुवार) पीटीआई ने लाहौर में मीनार-ए-पाकिस्तान के पास विशाल जनसभा का आयोजन किया। इसमें दिए लगभग एक घंटे के भाषण में इमरान ने वे सभी तमाम आरोप दोहराए, जो पिछले महीने उनकी सरकार के खिलाफ पेश हुए अविश्वास प्रस्ताव के समय से लगा रहे हैं। उन्होंने बार-बार शाहबाज शरीफ सरकार को विदेशी साजिश से बनी ‘इंपोर्टेड गवर्नमेंट’ (आयातित सरकार) कहा। इस रैली के दौरान उन्होंने संकेत दिया कि वे अपनी अगली रैली इस्लामाबाद में करेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा- ‘मेरे अगले आह्वान का इंतजार कीजिए।’
ट्वीटर स्पेस पर की भागीदारी
खान ने कहा- ‘मैं सिर्फ पीटीआई का नहीं, बल्कि पूरे पाकिस्तान का आह्वान कर रहा हूं। आपको सड़कों पर, शहरों और गांवों में तैयारी करनी है। आप मेरे अगले आह्वान का इंतजार कीजिए। मैं आपको इस्लामाबाद बुलाऊंगा।’ इसके पहले शनिवार रात इमरान खान ने ट्विटर स्पेसेज के मंच से अपने समर्थकों को संबोधित किया। सवाल-जवाब के फॉर्मेट में हुई लगभग सवा घंटे तक चली चर्चा ने ट्विटर स्पेसेज पर भागीदारी का विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसमें एक समय अधिकतम उपस्थिति एक लाख 65 हजार से ज्यादा लोगों रही। कुल चार लाख 46 हजार लोग इससे कभी न कभी जुड़े। इसके अलावा इस आयोजन फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी लाइव प्रसारण किया गया।
पर्यवेक्षकों का कहना है कि इमरान खान को मिले ऐसे बड़े जन समर्थन से न सिर्फ सत्ताधारी गठबंधन, बल्कि न्यायपालिका और अन्य महत्त्वपूर्ण संस्थाओं में चिंता बढ़ रही है। खान और उनके समर्थक लगातार इन तमाम संस्थानों पर हमले बोल रहे हैं। बुधवार और गुरुवार को खान ने खास तौर पर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आयोग उनकी पार्टी को चुनाव लड़ने से रोकने की साजिश में शामिल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक चंदे की गड़बड़ी के मामले में आयोग सिर्फ उनकी पार्टी को निशाना बना रहा है, जबकि बाकी दलों की सुनवाई उसने ठंडे बस्ते में डाल रखी है।
पाक एनएससी ने इमरान के आरोपों को खारिज किया
इस बीच पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के दावों के विपरीत उनकी सरकार को गिराने के पीछे कोई विदेशी साजिश नहीं थी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद एनएससी ने एक बयान जारी कर कहा कि एनएससी ने वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास से प्राप्त टेलीग्राम पर चर्चा की। अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत ने समिति को अपने टेलीग्राम के संदर्भ और सामग्री के बारे में जानकारी दी। एनएससी पाकिस्तान में सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर समन्वय के लिए सर्वोच्च मंच है।