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पाकिस्तान: शहबाज शरीफ ने पूर्व पीएम को फुलप्रूफ सुरक्षा देने के दिए आदेश, चीन-पाक आर्थिक गलियारा प्राधिकरण खत्म करने की प्रक्रिया शुरू
Thu, 21 Apr 2022 10:26 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 21 Apr 2022 10:26 PM IST
सार
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्विटर पर एक बयान भी जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री शरीफ ने गृह मंत्रालय को उपाय करने का निर्देश दिया है।
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इमरान खान और शहबाज शरीफ(फाइल)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान की फुलप्रूफ सुरक्षा का आदेश दिया है। उन्होंने गुरुवार को गृह मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराने के लिए प्रभावी और तत्काल कदम उठाए। यह आदेश उन्होंने इमरान खान को मिल रही धमकियों के मद्देनजर दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इसको लेकर ट्विटर पर एक बयान भी जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री शरीफ ने गृह मंत्रालय को उपाय करने का निर्देश दिया है।
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दरअसल, गुरुवार को लाहौर में उनकी एक रैली से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने धमकी को लेकर जानकारी दी थी। जिसके बाद इमरान खान से अपने समर्थकों को वर्चुअली संबोधित करने के लिए कहा गया था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री ने इससे इनकार कर दिया था।
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प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधीनमंत्री शहबाज शरीफ ने गृह विभाग को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को फुलप्रूफ सुरक्षा मुहैया कराने के लिए प्रभावी और तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है। शहबाज शरीफ ने कहा कि शांतिपूर्ण जनसभाएं लोकतंत्र का हिस्सा हैं और उन्होंने निर्देश दिया कि इसमें कोई बाधा नहीं पैदा की जानी चाहिए।
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इससे पहले, लाहौर प्रशासन ने रैली के आयोजकों को उनके लिए बुलेटप्रूफ शील्ड लगाने के लिए कहा था और पूर्व प्रधानमंत्री को सलाह दी थी कि वे रैली स्थल से आने-जाने के लिए बुलेटप्रूफ वाहन का इस्तेमाल करें।
गौरतलब है कि इमरान खान मीनार-ए-पाकिस्तान में एक रैली को संबोधित करेंगे। 10 अप्रैल के बाद से लाहौर में उनका यह पहला पावर शो होगा। लंबे चले सियासी ड्रामे के बाद 10 अप्रैल को उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था। ऐसा माना जाता है कि इसी स्थान पर 30 अक्टूबर, 2011 को उन्होंने एक रैली की थी, अब एक बार फिर से उसी स्थान पर वैसी ही रैली का आयोजन करके इमरान खान पार्टी को पुनर्गठित करने की कोशिश में हैं।
इससे पहले बुधवार की रात को पूर्व पीएम इमरान खान ने सोशल मीडिया पर लोगों को संबोधित किया था। उनके संबोधन के बाद से उनके समर्थकों में खासा उत्साह है।
इमरान खान के कट्टर समर्थक मेजर आदिल रजा पहुंचे लंदन
सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के कट्टर समर्थक मेजर आदिल रजा बृहस्पतिवार को लंदन पहुंच गये। इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को ही आदिल रजा के परिजनों ने उनके लापता होने की बात कही थी।
मेजर आदिल रजा पाकिस्तान एक्स-सर्विसमैन सोसाइटी (पीईएसएस) के प्रवक्ता रहे हैं। उनकी पत्नी सबाइन कयानी ने बुधवार को उनके लापता होने को लेकर एक ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि वह अपने पति से संपर्क कर पाने में असमर्थ हैं और उन्होंने रजा का पता लगाने के लिए लोगों की मदद मांगी थी। रजा के ‘लापता होने’ के बाद से सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इसके बाद आज रजा ने ट्वीट कर बताया है कि वह लंदन पहुंच गए हैं।
पाक पीएम शहबाज ने तारिक फातेमी से विदेश मामलों का मंत्रालय वापस लिया
पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन के बाद से मंत्रिमंडल को लेकर सियासत चल रही है। इस बीच, नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तारिक फातेमी से विदेश मामलों का मंत्रालय वापस ले लिया है। नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को फातेमी को विदेश मामलों पर प्रधान मंत्री (एसएपीएम) का विशेष सहायक के नियुक्त किया था। जिसका शहबाज के गठबंधन सहयोगी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने विरोध किया था। जिसके बाद गुरुवार को उन्हें अनुभवी राजनयिक तारिक फातेमी की विदेश मामलों पर विशेष सहायक के रूप में नियुक्ति को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
गौरतलब है कि तारिक फातेमी ने 2013 से 2017 तक विदेश मामलों पर प्रधान मंत्री (एसएपीएम) के विशेष सहायक के रूप में कार्य किया, लेकिन तथाकथित डॉन-लीक्स घोटाले के बाद हटा दिया गया था। फातेमी को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सुप्रीमो नवाज शरीफ का करीबी माना जाता है।
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण खत्म करने की प्रक्रिया शुरू
इस बीच पाकिस्तान की नई सरकार ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण को खत्म करने के लिए एक प्रक्रिया शुरू कर दी है। पाकिस्तान के योजना मंत्री ने कहा कि यह एक अनावश्यक संगठन है जिसने संसाधनों को बर्बाद किया और महत्वाकांक्षी क्षेत्रीय संपर्क कार्यक्रम के त्वरित कार्यान्वयन को विफल किया। योजना मंत्री अहसान इकबाल ने संबंधित अधिकारियों को प्राधिकरण को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया, क्योंकि चीनी बिजली उत्पादकों ने 300 अरब रुपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं होने के कारण 1,980 मेगावाट उत्पादन क्षमता को बंद कर दिया है। 2019 में एक अध्यादेश के माध्यम से स्थापित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपेक) प्राधिकरण का उद्देश्य सीपेक से संबंधित गतिविधियों को तेज करना, विकास के नए माध्यम की खोज करना, क्षेत्रीय और वैश्विक सम्पर्क के माध्यम से परस्पर उत्पादन नेटवर्क की क्षमता को खोलना था। नव नियुक्त योजना मंत्री के अनुसार, उनके अधिकारी एक संक्षिप्त विवरण पेश करके प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से सीपेक प्राधिकरण को खत्म करने के लिए मंजूरी का अनुरोध करेंगे।