फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan: Multiple churches vandalised in Faisalabad over blasphemy allegations

Pakistan: कुरान से बेअदबी के नाम पर अल्पसंख्यकों पर अत्याचार; पांच चर्च में तोड़फोड़, ईसाइयों के घर भी जलाए

Wed, 16 Aug 2023 09:46 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 16 Aug 2023 09:46 PM IST
विज्ञापन
Pakistan: Multiple churches vandalised in Faisalabad over blasphemy allegations
पाकिस्तान में चर्च में तोड़-फोड़। - फोटो : अमर उजाला

पाकिस्तान में धर्म के नाम पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार कोई नई बात नहीं है। यहां अक्सर ईशनिंदा के नाम पर हिंसा जैसे मामले सामने आते रहते हैं। ऐसा ही कुछ बुधवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फैजलाबाद शहर में जरानवाला इलाके में सामने आया है। ताजा मामले में यहां भीड़ ने कथित तौर पर कुरान की बेअदबी करने के नाम पर पांच चर्च तोड़ डाले। इतना ही नहीं, चर्च के आस-पास रहने वाले लोगों के घरों को भी जला दिए उनके साथ मारपीट की और लूटा भी। बता दें कि इस दौरान मौके पर पुलिस भी मौजूद थी, जो तमाशबीन बनी रही। फिलहाल, स्थिति को नियंत्रित करने और चमरा मंडी जरनवाला में रहने वाले ईसाई समुदाय की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान रेंजर्स को बुलाया गया है।  

विज्ञापन


कुरान का अपमान करने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, भीड़ ने पहले आरोप लगाया कि चर्च इस्लाम विरोधी बातें करते हैं, फिर आरोप लगाया कि कुरान का अपमान किया गया है। बाद में इस्लाम के साथ बेअदबी का आरोप लगाते हुए भीड़ ने पेट्रोल बम और पत्थर मार-मारकर पांच चर्च को तबाह कर दिया। वहीं, भीड़ इतने पर ही नहीं रुकी। हमला करने वाले लोगों ने वहां रहने वाले ईसाई लोगों के घरों में भी पेट्रोल बम फेंके, उनके साथ लूटपाट की और घरों में तोड़फोड़ की। इस दौरान किसी ने भी विरोध की कोशिश की, तो उसे लाठी, डंडे, लात-घूंसे से बुरी तरह पीटा गया।
विज्ञापन


इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें लोग चर्चों को बेअदबी का ठिकाना बताते हुए उन्हें जलाने की बात कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कई लोग चर्च के लोगों को मारने और जिंदा जलाने की बात भी कर रहे हैं। वायरल वीडियो में यह भी दिख रहा है कि मौके पर कई पुलिसकर्मी मौजूद थे,  जो वहां खड़े होकर बस देख रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पाकिस्तान रेंजर्स को बुलाया गया
फैसलाबाद के असिस्टेंट कमिश्नर ने पाकिस्तान रेंजर्स को हालात को काबू में लाने के लिए बुलाया है। पंजाब गृह विभाग को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा कि इलाके में पुलिस के सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, कानून-व्यवस्था की स्थिति अभी भी बहुत संवेदनशील और कमजोर है। ऐसे में आपसे अनुरोध है कि जरानवाला तहसील फैसलाबाद में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेंजर्स की कम से कम दो कंपनियां भेजें।

पंजाब पुलिस प्रमुख उस्मान अनवर ने कहा कि पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत कर रही है और इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। चर्च ऑफ पाकिस्तान के प्रमुख बिशप आजाद मार्शल ने कहा, उसके बाद कुछ कहने की हिम्मत नहीं बचती है। इस खौफनाक घटना को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। चर्च जलाए जा रहे हैं। बाइबिल के टुकड़े किए गए और कुरान के अपमान का झूठा आरोप लगाकर ईसाइयों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

भाई-बहन पर आरोप
जरनवाला सिटी पुलिस स्टेशन के अधिकारी आसिफ अली बताया कि मुहम्मद अफजल और चमरा मंडी के चार अन्य मुसलमानों ने राजा अमीर मसीह और उनकी बहन राकी मसीह पर कुरान का अपमान करने और पैगंबर के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने भाई और बहन दोनों के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 295-सी और 295-बी के तहत मामला भी दर्ज किया और उनकी गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस टीम गठित की है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने आरोपी के घर को सुरक्षित कर लिया है।  अधिकारियों ने कहा कि राजा अमीर मसीह सहित पूरा परिवार फरार है। और चर्चों में तोड़फोड़ के लिए अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

वहीं, अंतरिम प्रधान मंत्री अनवर उल हक काकर ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी दोषियों को पकड़ने के लिए कहा गया है। 
  
23 से सिर्फ 3 फीसदी रह गए अल्पसंख्यक
ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान के प्रमुख नवीद वाल्टर ने कहा, सरकार, न्यायालय और पुलिस से न्याय और कार्रवाई की मांग करते हैं। अल्पसंख्यको को तुरंत सुरक्षा दी जाए और उन्हें आश्वस्त किया जाए कि एक दिन पहले उन्होंने जिस देश का स्वतंत्रता दिवस का जश्न पूरे जोश से मनाया, वह उनको अपना मानता है। वाल्टर ने कहा, 1947 में आजादी के बाद से पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 23 फीसदी से घटकर 3 फीसदी हो गई है। यह सोचने का विषय है, आखिर ऐसा क्यों हुआ।


संविधान में धार्मिक भेदभाव के बीज
पाकिस्तान में धार्मिक जातीय अल्पसंख्यकों पर अत्याचार असल में वहां की राजव्यवस्था का अंग है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि जब 1973 में संविधान बना, तो इसके अनुच्छेद 2 में कहा गया कि इस्लाम एक राज्य धर्म होगा। इसके बाद अनुच्छेद 41(2) में यह घोषित किया गया है कि पाकिस्तान का राष्ट्रपति सिर्फ मुस्लिम होगा। वहीं, अनुच्छेद 91 में कहा गया कि प्रधानमंत्री मुस्लिम ही होगा। यह सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि 1980 के दशक पाकिस्तान के संविधान में कई संशोधन किए गए, इसी दौरान बेअदबी कानून लाया गया, जिसकी वजह से अल्पसंख्यक समुदाय के लाखों लोग या तो मारे गए, या मुस्लिम बन गए या जेलों में सड़ रहे हैं। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed