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कोरोना संकट से पाकिस्तान हुआ कंगाल, एक तिहाई से ज्यादा लोग गरीबी रेखा के नीचे पहुंचे

Fri, 05 Jun 2020 05:46 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 05 Jun 2020 05:46 PM IST
सार

  • कोरोना की वजह से तीस लाख होंगे बेरोज़गार, वित्त मंत्रालय का दावा
  • आने वाले वक्त में करीब पौने दो करोड़ नौकरियां जा सकती हैं, सरकार ने सीनेट को बताया

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Pakistan is a pauper due to Corona crisis, more than one third people reached below poverty line
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना जैसे वैश्विक संकट की वजह से पाकिस्तान में शुरुआती दौर में ही करीब 30 लाख लोगों की नौकरियां जा सकती हैं। जबकि आने वाले वक्त में कुल मिलाकर एक करोड़ 80 लाख लोगों के बेराजगार होने की आशंका है।

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ये पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय का दावा है। वित्त मंत्रालय ने सीनेट को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शुरुआती दौर में औद्योगिक क्षेत्र से करीब 10 लाख और सेवा क्षेत्र से 20 लाख लोगों के बेकार होने की आशंका है।
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पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय के लिए ये रिपोर्ट पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट इकॉनॉमिक्स ने तैयार की है।
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पाकिस्तान की सीनेट के सदस्य मुश्ताक अहमद ने पूछा था कि सरकार ये बताए कि कोरोना की वजह से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को किन किन मोर्चों पर और कितना नुकसान हो सकता है और सरकार के पास इससे उबरने की क्या योजना है।

इसके जवाब में वित्त मंत्रालय ने लिखित तौर पर सीनेट को ये विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।

वित्त मंत्रालय ने ये भी आशंका जताई कि पाकिस्तान में गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों की संख्या 24.3 फीसदी से 33.5 फीसदी हो सकती है।

राजकोषीय घाटा भी 7.5 से 9.4 फीसदी तक होने का अंदेशा है। पाकिस्तानी रुपये की कीमत भी डॉलर के मुकाबले और गिरती जा रही है।

जाहिर है पाकिस्तान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और खराब होती अर्थव्यवस्था को लेकर वहां के हुक्मरान चिंतित भी हैं और इससे उबरने के रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं।


कूटनीतिक तौर पर देखें तो पाकिस्तान ने कोरोना महामारी के बाद से लगातार दुनिया के तमाम मंचों पर अपनी बदहाली, गरीबी और लाचारी का रोना रोया है।

साथ ही विश्व बैंक से लेकर तमाम वित्तिय संस्थाओं से कोरोना से बचने के लिए अरबों रुपये के कर्ज लिए हैं।

साथ ही चीन के साथ उसके रिश्तों में हाल के दिनों में जो करीबी देखी जा रही है, उसे भी पाकिस्तान के अंदरूनी समस्याओं को हल करने और विकास के नए रास्ते तलाशे जाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
 

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