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Pakistan: NAB की अपील पर इमरान खान की गिरफ्तारी का वारंट जारी; चुनाव आयोग अपमान मामले में जेल ट्रायल को मंजूरी

Mon, 13 Nov 2023 05:27 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 13 Nov 2023 05:27 PM IST
सार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की परेशानी बढ़ सकती है। जेल में बंद इमरान खान की गिरफ्तारी के लिए जवाबदेही अदालत ने वारंट जारी किया है। मामला तोशाखाना और 190 मिलियन पाउंड के अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़ा है।

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Pakistan Imran Khan Arrest Warrant Islamabad Accountability Court Toshakhana Al Qadir Trust cases
Imran Khan - फोटो : Social Media

विस्तार

पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता, अगले साल आम चुनाव की तैयारियों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान गिरफ्तारी वारंट के कारण चर्चा में हैं। इमरान खान की गिरफ्तारी के लिए "इस्लामाबाद जवाबदेही अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।" मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने पीटीआई प्रमुख के गिरफ्तारी वारंट का पालन करने के लिए एक आवेदन दायर किया था। बता दें कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) चीफ इमरान खान फिलहाल लगभग छह महीनों से जेल में बंद हैं।
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जेल अधीक्षक को वारंट के अनुपालन का निर्देश
पाकिस्तान की समा न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, "इस्लामाबाद जवाबदेही अदालत ने तोशाखाना और 190 मिलियन पाउंड के अल-कादिर ट्रस्ट मामलों में पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने जेल अधीक्षक को वारंट का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कदम उठाने का भी आदेश दिया है।" पाकिस्तान की सियासत में इमरान खान का सलाखों के पीछे होना इसलिए भी अहम है क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी और तीन बार पीएम रह चुके नवाज शरीफ स्वदेश लौट चुके हैं।
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इमरान पर निर्वाचन आयोग के अपमान का भी आरोप

इमरान खान से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में पाकिस्तान के शीर्ष चुनाव निकाय न्यायाधिकरण ने इमरान खान और 2 अन्य लोगों के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई छह दिसंबर तक स्थगित कर दी। देश की शीर्ष चुनाव संस्था के समक्ष पेश होने में विफल रहे इमरान खान के मामले की सुनवाई पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के चार सदस्यीय पैनल में होनी थी। मामला ईसीपी प्रमुख के अपमान का है। आरोपियों में इमरान खान के अलावा पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के पूर्व नेता और संघीय मंत्री असद उमर और फवाद चौधरी शामिल हैं। सोमवार को सुनवाई के दौरान इन सभी को दोषी ठहराया जाना था।
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जेल से ट्रायल को कार्यवाहक सरकार ने मंजूरी दी
हालांकि, वकीलों की दलीलें सुनने के बाद ईसीपी ट्रिब्यूनल ने सुनवाई 6 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी। पिछले साल मार्च में वॉशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा भेजे गए एक गुप्त राजनयिक केबल (Cipher) का खुलासा करने के आरोप में 71 वर्षीय इमरान को इस साल अगस्त में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में जेल से ट्रायल की अनुमति भी मिल चुकी है। ऐसे में अब न्यायिक रिमांड पर अदियाला जेल में बंद इमरान पर जेल में ही कार्रवाई होगी। अंतरिम प्रधानमंत्री अनवार-उल-हक काकर के नेतृत्व वाली पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके करीबी सहयोगी पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी के खिलाफ राज्य के रहस्यों को लीक करने और देश के कानूनों का उल्लंघन करने के मामले में जेल में मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी।

जेल में सुनवाई के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे इमरान खान
सुरक्षा चिंताओं के कारण कानून मंत्रालय ने इमरान खान और कुरैशी पर दर्ज मुकदमे की सुनवाई जेल में ही कराने की अपील की थी। कैबिनेट ने भी इस पर सहमति दी थी। मंत्रालय ने कहा कि उसने 29 अगस्त को जेल मुकदमे के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया था। न्यायाधीश अबुल हसनत ज़ुल्करनैन की विशेष अदालत में इस मामले की सुनवाई होनी है। अदालत ने जेल ट्रायल को मंजूरी ऐसे समय में दी जब इस्लामाबाद उच्च न्यायालय 14 नवंबर को जेल ट्रायल के खिलाफ इमरान की तरफ से दायर इंट्रा-कोर्ट अपील पर सुनवाई करने वाला है।

पाकिस्तान की सियासत में इमरान के अलावा और भी दिग्गज

राजनीतिक दलों के टकराव के बीच पाकिस्तान की राजनीति के बारे में ये जानना भी बेहद जरूरी है कि नवाज शरीफ और इमरान खान के अलावा दो और धुरियां हैं जो सत्ता की दावेदारी में शामिल हैं। पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे भी नवाज के साथ-साथ इमरान को चुनौती दे रहे हैं। आठ फरवरी, 2024 को प्रस्तावित पाकिस्तान के आम चुनाव से पहले इमरान खान की पार्टी ने कहा है कि सभी दलों को चुनाव में समान अवसर मिलने चाहिए।

एक तरफ इमरान खान की पार्टी ने समान अवसरों की कमी पर चिंता जताई है तो दूसरी तरफ नवाज शरीफ की पार्टी- पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) और बेनजीर भुट्टो की पार्टी- (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी- पीपीपी) के बीच प्रतिद्वंद्विता भी बढ़ गई है। पीपीपी का आरोप है कि नवाज के नेतृत्व वाली पार्टी का वर्तमान कार्यवाहक सरकार के साथ छिपा हुआ गठबंधन है।


पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने हाल ही में शरीफ की तीखी आलोचना की। "चयनकर्ताओं" के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगाने वाले बिलावल पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने पीएमएल-एन को "राजा की पार्टी" करार दिया। उन्होंने कहा, जहां तक चयन और 'लाडला की राजनीति' का सवाल है, "मुझे लगता है कि हमें अभी और अधिक संघर्ष करना होगा ताकि चयन की इस परंपरा और सेना के लाडले राजनेता का सत्ता के शीर्ष पर पहुंचना समाप्त हो सके। इमरान ने भी नवाज के लिए 'सेना का लाडला' शब्द का इस्तेमाल किया था। 
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