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पाकिस्तान: अपहरण के एक हफ्ते बाद हिंदू लड़की को बचाया गया, संदिग्ध गिरफ्तार
Wed, 15 Jun 2022 02:26 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, इस्लामाबाद।
एजेंसी, इस्लामाबाद।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 15 Jun 2022 02:26 AM IST
सार
विश्लेषकों का कहना है, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकार के लिए राजनीतिक पार्टियां कट्टरपंथियों के खिलाफ वोट खोने के डर से आवाज नहीं उठातीं।
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पाकिस्तान में हिंदू लड़की को अपहरण के एक सप्ताह बाद पुलिस ने बचाया (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के झेलम जिले में हिंदू लड़की को पुलिस ने अपहरण के एक सप्ताह बाद बचा लिया। संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है। डॉन अखबार में छपी खबर के मुताबिक, हिंदू लड़की का अपहरण पहाड़ी क्षेत्र से काम से लौटते समय किया गया था। उसे छोतला थाना क्षेत्र के शिंघोई से बरामद किया गया।
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रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की के मकान मालिक के इशारे पर राजा जफर ने दुष्कर्म के इरादे से लड़की का अपहरण किया था। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, बहावलपुर पुलिस ने लड़की को झेलम पहुंचाया है। जफर अभी हाथ नहीं आया है। इस साल की शुरुआत में सिंध प्रांत के सुक्कुर में हिंदू लड़की पूजा कुमारी की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। पूजा ने हमलावरों का विरोध किया था। इससे देश में मानवाधिकारों की स्थिति खुलकर सामने आ गई थी।
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विश्लेषकों का कहना है, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकार के लिए राजनीतिक पार्टियां कट्टरपंथियों के खिलाफ वोट खोने के डर से आवाज नहीं उठातीं। अपहरण या जबरन धर्म परिवर्तन की वारदात को यहां ज्यादातर लोग जान-बूझकर अनदेखा कर देते हैं। पाकिस्तान में महिलाओं, अल्पसंख्यकों, बच्चों के मानवाधिकार की हालत बेहद खराब है।
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कराची में छात्रों के अपहरण का विरोध कर रहे 28 बलोच प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
पुलिस ने सिंध विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे 28 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी प्रदर्शनकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कराची विश्वविद्यालय (केयू) के दो बलोच छात्रों के कथित अपहरण का विरोध कर रहे थे। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, केयू के दो बलोची छात्रों डोडा बलोच और गमशाद बलोच के 7 जून को हुई अपहरण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट भी की गई। दोनों बलोची छात्रों को गुलशन-ए-इकबाल में मस्कान चौरंगी के पास उनके घर से ले जाया गया, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चला है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर महिलाओं व बच्चों से बदसलूकी का आरोप भी लगाया है।