कश्मीर को लेकर बौखलाया पाक, बुलाई उच्च स्तरीय बैठक
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पाकिस्तान सरकार ने कश्मीर मुद्दे को हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की नाकाम कोशिश की है। जिसके कारण उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (यूएनएससी) में भी मुंह की खानी पड़ी है। भारत ने उसे दो टूक जवाब देते हुए आतंकवाद को खत्म करने के लिए कहा है। अब पाकिस्तान की सरकार शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक करने वाली है जिसमें वह कश्मीर मसले को लेकर अपनी भविष्य की योजनाओं पर बातचीत करेगी।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इस विशेष समिति की पहली बैठक में हिस्सा लेंगे। समिति का गठन उन्होंने किया है और इसका प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री कुरैशी करेंगे। इसमें पाकिस्तान की कश्मीर रणनीति को लेकर अन्य देशों की प्रतिक्रिया के बारे में चर्चा की जाएगी। बैठक में पाकिस्तान के विभिन्न संस्थान हिस्सा लेंगे।
Pakistan PM Imran Khan today held the first meeting of the special committee formed by him and headed by Foreign Minister Shah Mehmood Qureshi regarding response from the other countries about Pakistan's Kashmir strategy.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 17, 2019
यूएनएससी में बंद दरवाजे की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए शाह महमूद कुरैशी ने कहा, 'मैंने कल सुबह 11 बजे एक बैठक बुलाई है जिसमें विभिन्न पाकिस्तानी संस्थान हिस्सा लेंगे। हम भविष्य में कार्रवाई को लेकर और कश्मीर के लोगों की मदद और समर्थन के लिए आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं इसपर विचार-विमर्श करेंगे।'
यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब यूएनएससी ने कश्मीर मुद्दे को लेकर बंद कमरे में चर्चा की। इस बैठक को चीन ने पाकिस्तान के कहने पर बुलाया था। हालांकि दोनों की कोशिशें नाकाम रहीं। परिषद के अधिकांश सदस्यों ने कश्मीर मामले को उठाने से इनकार कर दिया और चीन की स्थिति को अस्वीकार कर दिया। सदस्यों द्वारा इनकार किए जाने के बाद चीन और पाकिस्तान अलग-थलग पड़ गए।
यूएनएससी की बैठक में स्थायी सदस्यों में चीन को छोड़कर बाकी देशों फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका ने पहले ही कश्मीर को आंतरिक मसला बताते हुए इसे द्विपक्षीय बातचीत से ही सुलझाने की बात कही है। यूएन के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब कश्मीर मुद्दे पर कोई बैठक हुई है। इससे पहले 1971 में यूएनएससी की पहली बैठक हुई थी, जो न तो बंद दरवाजे के पीछे थी और न ही सुरक्षा परिषद् के अधिकांश सदस्य देशों ने पाकिस्तान का समर्थन करने से मना किया था। यूएनएससी में 1969-71 में ‘सिचुएशन इन द इंडिया/पाकिस्तान सबकॉन्टिनेंट’ विषय के तहत कश्मीर का मुद्दा उठाया गया था।