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Pakistan: पाकिस्तान में विकीपीडिया को ब्लॉक किया गया, 48 घंटे की डेडलाइन के बाद क्यों उठाया गया कदम, जानें
Sat, 04 Feb 2023 12:49 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 04 Feb 2023 12:49 PM IST
सार
गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के टेलीकॉम रेगुलेटर ने पूरे देश में विकीपीडिया की सेवाओं को 48 घंटे के लिए धीमा कर दिया था।
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विकीपीडिया (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पाकिस्तान में विकीपीडिया की साइट को बैन कर दिया गया है। दरअसल, पाकिस्तानी सरकार ने विकीपीडिया से कहा था कि वह अपनी वेबसाइट से ईशनिंदा से जुड़ा कंटेंट हटा ले। इसे लेकर पाकिस्तान में काफी हंगामा भी हुआ था, जिसके बाद शहबाज शरीफ की सरकार ने विकीपीडिया को कदम उठाने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। हालांकि, विकीपीडिया ने पाकिस्तान की मांग को अनसुना कर दिया, जिसके बाद पूरे देश में इस वेबसाइट की सेवाओं को बैन कर दिया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के टेलीकॉम रेगुलेटर ने पूरे देश में विकीपीडिया की सेवाओं को 48 घंटे के लिए धीमा कर दिया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर विकीपीडिया ने ईशनिंदा से जुड़ी सामग्री नहीं हटाई, तो वह वेबसाइट को पूरी तरह ब्लॉक कर देगा। इस मामले में पाकिस्तान की हाईकोर्ट ने भी टेलीकॉम रेगुलेटरी को विकीपीडिया पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के टेलीकॉम रेगुलेटर ने पूरे देश में विकीपीडिया की सेवाओं को 48 घंटे के लिए धीमा कर दिया था। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर विकीपीडिया ने ईशनिंदा से जुड़ी सामग्री नहीं हटाई, तो वह वेबसाइट को पूरी तरह ब्लॉक कर देगा। इस मामले में पाकिस्तान की हाईकोर्ट ने भी टेलीकॉम रेगुलेटरी को विकीपीडिया पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, विकीपीडिया को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भी जारी किया गया था। हालांकि, न तो वेबसाइट ने नोटिस का कोई जवाब दिया और न ही ईशनिंदा से जुड़ा कंटेंट हटाया। टेलीकॉम अथॉरिटी के मुताबिक, विकीपीडिया के इस तरह के ईशनिंदा से जुड़े कंटेंट हटाने पर ही इसे पाकिस्तान में फिर से शुरू किया जाएगा।
पाकिस्तान के एक डिजिटल अधिकार कार्यकर्ता ओसामा खिलजी ने इस प्रतिबंध को असंवैधानिक और बकवास बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदमों से छात्रों, शिक्षकों, रिसर्चर्स और समाज के अन्य वर्गों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले 2012 में पाकिस्तान में सरकार ने यूट्यूब के 700 से ज्यादा लिंक्स को इस्लाम-विरोधी फिल्म के प्रदर्शन के मामले में बैन कर दिया था। इस फिल्म को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए थे। तब भी पाकिस्तान की कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए थे कि वह इस्लाम का असम्मान करने वाली सामग्री को प्रतिबंधित कर दे।
गौरतलब है कि इससे पहले 2012 में पाकिस्तान में सरकार ने यूट्यूब के 700 से ज्यादा लिंक्स को इस्लाम-विरोधी फिल्म के प्रदर्शन के मामले में बैन कर दिया था। इस फिल्म को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए थे। तब भी पाकिस्तान की कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए थे कि वह इस्लाम का असम्मान करने वाली सामग्री को प्रतिबंधित कर दे।