फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan fraudulent disclosure to avoid going black list in FATF List

ब्लैक लिस्ट में जाने से बचने के लिए पाकिस्तान के फर्जीवाड़ा का खुलासा

Tue, 21 Apr 2020 11:19 PM IST
अनवर अंसारी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: अनवर अंसारी Updated Tue, 21 Apr 2020 11:19 PM IST
सार

  • निगरानी लिस्ट से जकी उर रहमान लखवी समेत 5600 आतंकियों के नाम हटाए
  • मुंबई हमले के मास्टमाइंड लखवी को भी आतंकी फंडिंग के आरोप से बचाने की कोशिश
  • एफएटीएफ की सख्ती के बावजूद नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान
  • जून में होने वाली एफएटीएफ की समीक्षा बैठक में तय होगा पाकिस्तान का भविष्य

विज्ञापन
Pakistan fraudulent disclosure to avoid going black list in FATF List
इमरान खान (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

सारी दुनिया बेशक कोरोना से लड़ रही हो, लेकिन पाकिस्तान इस मौके पर भी अपने यहां के आतंकियों को बेदाग साबित करने में लगा हुआ है। पाकिस्तान ने बड़ी सफाई के साथ और गुपचुप तरीके से अपनी निगरानी सूची से हजारों आतंकवादियों के नाम हटा दिए हैं। इसमें 2008 में हुए मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और लश्कर कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी का नाम भी शामिल है।

विज्ञापन


पाकिस्तान ने ये फैसला ऐसे समय में किया है जब मनी लांड्रिंग के खिलाफ काम कर रही वैश्विक संस्था फाइनेंन्शियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) जून में होने वाली अपनी बैठक में इस बात की समीक्षा करने वाला है कि पाकिस्तान ने आतंकी संगठनों के खिलाफ क्या कार्रवाई की। फिलहाल पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में है और आतंकियों की निगरानी सूची छोटी करके वह अपना रिपोर्ट कार्ड बेहतर करने में लगा है। अगर वह ऐसा नहीं करता तो उसके लिए खुद को ब्लैक लिस्ट में जाने से बचाना मुश्किल होगा।
विज्ञापन


गौरतलब है कि 2018 में जब आतंकियों की ये निगरानी लिस्ट बनी थी तब इसमें 7600 नाम थे जो 18 महीनों में घटाकर आधे यानी 3800 रह गए। और अब पिछले महीने मार्च में इनमें से भी 1800 नाम हटा दिए गए जिसमें लखवी का नाम प्रमुख है। ये खुलासा अमेरिका की एक कंपनी कास्टेलम ने किया है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल एफएटीएफ ने पाकिस्तान को जो अल्टीमेटम दिया है उसके तहत आतंकी फंडिग के मामले में की गई कार्रवाइयों को तेज करने के साथ ही इसे रोकने की दिशा में किए गए कामों का लेखा जोखा देना जरूरी है। पाकिस्तान दावा करता रहा है कि वह लगातार इस दिशा में काम कर रहा है और आतंकियों या आतंकी संगठनों पर लगाम कसी जा रही है। पिछली बैठक में भी पाकिस्तान पर ब्लैक लिस्ट में जाने का खतरा था लेकिन उसने तब भी अफरा तफरी में कुछ कार्रवाइयां दिखा कर इससे खुद को बचा लिया था। लेकिन अब वह इसकी तैयारी पहले से कर रहा है। उसने अपनी लिस्ट छोटी करके अब महज 2000 आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई दिखाने की तैयारी में है।


ये लिस्ट पाकिस्तान नेशनल काउंटर टेररिज्म ऑथोरिटी (एनएसीटीए) बनाती है और इसमें जरूरी बदलाव करती है। इस लिस्ट में उन लोगों के नाम शामिल हैं जो किसी न किसी तरीके से आतंकी फंडिंग के मामले में शामिल पाए गए हैं। इसमें मौजूद लोगों के पूरे बैंक खाते की जांच करने के अलावा सरकार ने उन बैंकों को भी निर्देश दे रखे हैं कि इसमें होने वाले लेन देन की सारी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed