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Pakistan: लाहौर की कोट लखपत जेल में लाए गए पूर्व विदेश मंत्री और पीटीआई नेता कुरैशी, एटीसी के समक्ष होंगे पेश
Mon, 08 Jul 2024 04:44 PM IST
मेघा झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: मेघा झा
Updated Mon, 08 Jul 2024 04:44 PM IST
सार
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को सोमवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल से लाहौर की कोट लखपत जेल में स्थानांरित किया गया।
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पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी
- फोटो : facebook
विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को सोमवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल से लाहौर की कोट लखपत जेल में स्थानांरित किया गया। 9 मई के दंगों के मामले में आतंकवाद विरोधी अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। उन पर 9 मई की हिंसा के कई मामले दर्ज हैं। शाह महमूद कुरैशी जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोग भी हैं।
9 मई को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के परिसर से अर्धसैनिक रेंजर्स ने इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की। रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया। इस दिन को पाकिस्तान काला दिवस के रूप में याद करता है।
68 वर्षीय शाह महमूद कुरैशी, जो कि पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री भी रह चुके हैं, को सोमवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच लाहौर स्थानांतरित कर दिया गया। यहां उन्हें कोट लखपत जेल में स्थापित आतंकवाद विरोधी अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। पाकिस्तानी न्यूज चैनल के अनुसार बैरिस्टर तैमूर मलिक ने पुष्टि की कि एटीसी लाहौर के न्यायाधीश 9 मई को कोट लखपत जेल में मामलों की सुनवाई करेंगे और पीटीआई नेता सोमवार को अदालत में पेश होंगे।
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पीटीआई के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री को एक पाकिस्तानी अदालत ने खान के सत्ता में रहने के दौरान एक राजनयिक केबल सार्वजनिक करके मामले में देश के आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी। तब से ही कुरैशी तब से जेल में हैं। हालांकि, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने 3 जून को खान और कुरैशी को सिफर मामले में बरी कर दिया। उनकी 10 साल की सजा को निलंबित कर दिया।
बावजूद, दोनों जेल में ही रहेंगे। क्योंकि वे 9 मई को पाकिस्तान भर में हुई हिंसा के सिलसिले में आठ और मामलों में फंसे हुए हैं। 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में 71 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा गिरफ्तार किया गया। उनके गिरफ्तार किए जाने के बाद पूरे देश में 9 मई को दंगे भड़क उठे थे।
पीटीआई के उपाध्यक्ष कुरैशी को संयुक्त जांच दल (जेआईटी) द्वारा अदियाला जेल में आतंकवाद से संबंधित कई मामलों की जांच पूरी करने के बाद लाहौर ले जाया गया। अब सुनवाई के बाद अदालत तय करेगी कि पूर्व मंत्री लाहौर में रहेंगे या अदियाला जेल वापस लौटेंगे। फिर 4 जुलाई को इस्लामाबाद स्थित जिला और सत्र न्यायालय ने आबपारा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में इमरान खान, शाह महमूद कुरैशी और कई अन्य नेताओं को बरी कर दिया। 27 जून को इमरान खान और कुरैशी सहित 500 आरोपियों के खिलाफ 9 मई के मामलों की सुनवाई 15 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई। रावलपिंडी की अदालत ने पीटीआई प्रमुख खान और उनके डिप्टी कुरैशी की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की, जो जेल में हैं और समन के बावजूद पेश नहीं हुए।
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9 मई को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के परिसर से अर्धसैनिक रेंजर्स ने इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की। रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया। इस दिन को पाकिस्तान काला दिवस के रूप में याद करता है।
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68 वर्षीय शाह महमूद कुरैशी, जो कि पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री भी रह चुके हैं, को सोमवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच लाहौर स्थानांतरित कर दिया गया। यहां उन्हें कोट लखपत जेल में स्थापित आतंकवाद विरोधी अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। पाकिस्तानी न्यूज चैनल के अनुसार बैरिस्टर तैमूर मलिक ने पुष्टि की कि एटीसी लाहौर के न्यायाधीश 9 मई को कोट लखपत जेल में मामलों की सुनवाई करेंगे और पीटीआई नेता सोमवार को अदालत में पेश होंगे।
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पीटीआई के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री को एक पाकिस्तानी अदालत ने खान के सत्ता में रहने के दौरान एक राजनयिक केबल सार्वजनिक करके मामले में देश के आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी। तब से ही कुरैशी तब से जेल में हैं। हालांकि, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने 3 जून को खान और कुरैशी को सिफर मामले में बरी कर दिया। उनकी 10 साल की सजा को निलंबित कर दिया।
बावजूद, दोनों जेल में ही रहेंगे। क्योंकि वे 9 मई को पाकिस्तान भर में हुई हिंसा के सिलसिले में आठ और मामलों में फंसे हुए हैं। 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में 71 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा गिरफ्तार किया गया। उनके गिरफ्तार किए जाने के बाद पूरे देश में 9 मई को दंगे भड़क उठे थे।
पीटीआई के उपाध्यक्ष कुरैशी को संयुक्त जांच दल (जेआईटी) द्वारा अदियाला जेल में आतंकवाद से संबंधित कई मामलों की जांच पूरी करने के बाद लाहौर ले जाया गया। अब सुनवाई के बाद अदालत तय करेगी कि पूर्व मंत्री लाहौर में रहेंगे या अदियाला जेल वापस लौटेंगे। फिर 4 जुलाई को इस्लामाबाद स्थित जिला और सत्र न्यायालय ने आबपारा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में इमरान खान, शाह महमूद कुरैशी और कई अन्य नेताओं को बरी कर दिया। 27 जून को इमरान खान और कुरैशी सहित 500 आरोपियों के खिलाफ 9 मई के मामलों की सुनवाई 15 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई। रावलपिंडी की अदालत ने पीटीआई प्रमुख खान और उनके डिप्टी कुरैशी की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की, जो जेल में हैं और समन के बावजूद पेश नहीं हुए।