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लंदन में पाकिस्तानी विदेश मंत्री की हुई किरकरी, मीडिया की आजादी को लेकर पत्रकारों ने घेरा

Fri, 12 Jul 2019 03:10 PM IST
अजय सिंह वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अजय सिंह Updated Fri, 12 Jul 2019 03:10 PM IST
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Pakistan foreign minister Shah Mehmood Qureshi heckled in London over press censorship
शाह महमूद कुरैशी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

पाकिस्तान में मीडिया पर बढ़ रही सेंसरशिप की रिपोर्टों के बीच पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को लंदन में चल रही संवाददाता सम्मेलन में एक कनाडाई पत्रकार ने बीच में रोक दिया। पत्रकार का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार की शिकायतों के बाद उसका सोशल मीडिया अकाउंट निलंबित कर दिया गया।

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कुरैशी गुरुवार को लंदन में ‘मीडिया की आजादी की रक्षा करो’ पर एक संवाददाता सम्मेलन कर रहे थे, उसी समय यह घटना हुई। इस घटना से कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान में मीडिया पर निगरानी करने वाली संस्था 'पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण' ने जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साक्षात्कार का प्रसारण करने के लिए तीन निजी टीवी चैनलों का ट्रांसमिशन रद्द कर दिया।
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यह कदम तब उठाया गया जब पाकिस्तान सरकार ने जेल में बंद नेताओं जैसे कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और जरदारी को प्रेस में दी जा रही कवरेज को रोकने का फैसला किया।
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डॉन अखबार की खबर के अनुसार, कनाडा की घोर दक्षिणपंथी राजनीतिक वेबसाइट रेबेल मीडिया के पत्रकार इजरा लेवेंट ने मंत्री को बीच में ही रोक दिया और उन पर आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सरकार की शिकायतों के कारण उनका टि्वटर अकाउंट निलंबित कर दिया गया है। 

कनाडाई पत्रकार ने ट्वीट कर लिखा कि टि्वटर ने मेरा पूरा अकाउंट बंद नहीं किया बल्कि उन्होंने मेरा एक ट्वीट हटा दिया जिसका कारण उन्होंने बताया कि वह पाकिस्तानी कानून का उल्लंघन करता है। टि्वटर द्वारा भेजे एक ई-मेल में मुझे यह जानकारी दी गई। मैं कनाडा में हूं। टि्वटर अमेरिका में है लेकिन पाकिस्तान ने हमें सेंसर कर दिया।

पाकिस्तानी पत्रकार मुनिजा जहांगीर द्वारा टि्वटर पर साझा की गई घटना की वीडियो क्लिप में लेवेंट ने कहा कि आयोजकों को बोलने की आजादी के बारे में बात करने के लिए एक ‘सख्त ठग’ को आमंत्रित करने के लिए शर्म आनी चाहिए।

इन आरोपों पर कुरैशी ने कहा कि पहली बात अगर आप चाहते हैं कि आपकी भावनाओं की कद्र की जाए तो आप अपनी भाषा को देखे। क्या यही सही तरीका है? आपको सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आपके दोहरे मापदंड है जिसे आप आजादी कहते है। कई बार आप कुछ खास एजेंडा चला रहे होते हैं।

कुरैशी ने कहा कि तीन टीवी चैनलों को बंद करने, पत्रकारों की गिरफ्तारी और सेंसरशिप के गहराते संकट और पत्रकारों का मुंह बंद करने का कोई सवाल ही नहीं है। 


कुरैशी से जरदारी के साक्षात्कार की कवरेज को रोकने को लेकर भी सवाल किया गया जिस पर उनका कहना है कि जरदारी, जो वर्तमान में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे है, को इस तरह से साक्षात्कार करने की अनुमति नहीं दी गई थी।  

 

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