Pakistan Floods: पाकिस्तान में दिखा है जलवायु परिवर्तन की मार का भयंकर नजारा
Pakistan Floods: शहबाज शरीफ ने कहा कि दुनियाभर में हुए कार्बन उत्सर्जन में पाकिस्तान का हिस्सा सिर्फ एक फीसदी है। जबकि जिन देशों पर जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है, उस सूची में पाकिस्तान आठवें नंबर पर है
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पाकिस्तान में असामान्य बाढ़ से हुई तबाही ने अब दुनिया भर का ध्यान खींच लिया है। अलग-अलग देशों ने दुख जताने और राहत सामग्री भेजने का एलान किया है। उसमें सबसे महत्त्वपूर्ण पहल संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने की है। वे निजी तौर पर पाकिस्तान की यात्रा करेंगे। गुतारेस ने पाकिस्तान के लिए 16 करोड़ डॉलर की मदद जुटाने का आह्वान किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान की तबाही पर दुनिया भर में पैदा हुई चिंता का कारण यह समझ बनना है कि यह आपदा जलवायु परिवर्तन का नतीजा है।
दुनिया भर के विशेषज्ञों ने इस वर्ष यूरोप और चीन में पड़ी असाधारण गर्मी और पाकिस्तान की घटना को जोड़ कर देखा है। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि हिमालय के ग्लेशियर पिघलने के कारण पाकिस्तान में बहने वाली नदियों में अचानक असामान्य पानी आ गया। इसकी वजह से देश का एक तिहाई हिस्सा डूब गया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनके देश पर जलवायु परिवर्तन की मार पड़ी है, जिसके प्रभाव से निपटने में पाकिस्तान अकेले सक्षम नहीं है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय- खास कर धनी देशों से कहा है कि वे पाकिस्तान जैसे देशों को जलवायु परिवर्तन की मार झेलने के लिए अकेले नहीं छोड़ सकते। मंगलवार को एक ट्विट में उन्होंने कहा- ‘आज हम शिकार बने हैं, कल किसी और की बारी आएगी। जलवायु परिवर्तन का खतरा वास्तविक और गंभीर है, जो हम सब पर मंडरा रहा है।’
शहबाज शरीफ ने कहा कि दुनियाभर में हुए कार्बन उत्सर्जन में पाकिस्तान का हिस्सा सिर्फ एक फीसदी है। जबकि जिन देशों पर जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है, उस सूची में पाकिस्तान आठवें नंबर पर है। इसके पहले कई प्रतिष्ठित जलवायु विशेषज्ञ भी इस विसंगति की तरफ दुनिया का ध्यान खींच चुके हैं।
पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या तीन करोड़ 30 लाख तक पहुंच सकती है। सरकार एक हजार से ज्यादा मौतों की पुष्टि कर चुकी है। देश की जलवायु परिवर्तन विभाग की मंत्री शेरी रहमान ने बताया है कि अभी भी कई नदियों का पानी खतरे के निशान के ऊपर है, जिसक वजह आसपास के इलाकों में तबाही हो रही है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव संभवतः नौ सितंबर को पाकिस्तान आएंगे। उनके प्रवक्ता ने बताया है कि वे यहां विस्थापित परिवारों से मिलेंगे और बाढ़ पीड़ित इलाकों का दौरा करेंगे। गुतारेस ने पाकिस्तान में आई तबाही को ‘जलवायु विनाश’ कहा है और ध्यान दिलाया है कि दक्षिण एशिया उन इलाकों में है, जहां जलवायु परिवर्तन का सबसे भीषण असर देखने को मिल सकता है। पाकिस्तान सरकार ने गुतारेस की इस पहल का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव की यात्रा से दुनिया को प्राकृतिक आपदा के कारण पाकिस्तान में हुई बर्बादी की बेहतर जानकारी मिलेगी।
संयुक्त राष्ट्र और पाकिस्तान सरकार मंगलवार ने एक साझा वीडियो जारी कर दुनिया भर के लोगों से उदारता से मदद देने की अपील की। इसमें कहा गया कि आने वाली आर्थिक मदद से 52 लाख पीड़ितों के लिए खाना-पानी, शौच, प्राथमिक शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम किए जाएंगे।