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Imran Khan: पाकिस्तान में इमरान खान की पीटीआई ने भी ठोकी सत्ता पर दावेदारी, राष्ट्रपति से मिले पार्टी नेता
Tue, 13 Feb 2024 02:19 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 13 Feb 2024 02:19 PM IST
सार
चुनाव नतीजों के बाद पीटीआई की कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें सरकार और संसदीय पदों पर लोगों की नामांकन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर सहमति बनी। पार्टी केंद्र, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में सरकार बना सकती है।
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Imran Khan
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पाकिस्तान में नवाज शरीफ की पीएमएल-एन और बिलावल भुट्टो जरदारी की पीपीपी के बीच गठबंधन सरकार बनाने को लेकर बात चल रही है। अब जेल में बंद इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने भी सरकार बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पार्टी ने कई विशेष समीतियों का गठन किया है, जो केंद्र में, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा राज्य में पीटीआई की सरकार बनाने की रणनीति बनाएंगी।
पीटीआई सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी
चुनाव नतीजों के बाद पीटीआई की कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें सरकार और संसदीय पदों पर लोगों की नामांकन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर सहमति बनी। पाकिस्तान आम चुनाव में पीटीआई समर्थित 101 निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं और पीटीआई सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पीटीआई ने बयान जारी कर बताया कि उनकी पार्टी को रोकने की कोशिश की गई और अनैतिक तरीके से पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश की गई, लेकिन देश की जनता ने इमरान खान पर विश्वास रखा और अपने वोटों से इमरान खान को देशभक्ति का सर्टिफिकेट दिया है।
पीटीआई नेताओं ने राष्ट्रपति से की मुलाकात
पीटीआई चुनाव में धांधली का भी आरोप लगा रही है और इसे लेकर उसके नेताओं ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से मुलाकात की। पीटीआई का आरोप है कि चुनाव नतीजों गिनती के दौरान वे एक समय 170 नेशनल असेंबली सीटों पर आगे चल रहे थे, लेकिन इसके बाद पीएमएल-एन के पक्ष में चुनाव को मोड़ दिया गया। पीटीआई ने नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन और बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी पीपीपी के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है।
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पीएमएल-एन 75 और पीपीपी को 54 सीटों पर जीत मिली है। हालांकि इन दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन पर अंतिम फैसला नहीं हो पा रह ाहै। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीपीपी के बिलावल भुट्टो जरदारी और पार्टी के कई अन्य नेता पीएमएल-एन के साथ गठबंधन करने के पक्ष में नहीं हैं और वे चाहते हैं कि पीपीपी, पीटीआई के साथ विपक्ष में बैठे। हालांकि आसिफ अली जरदारी सत्ता में भागीदारी करने के पक्ष में हैं और लगातार पीएमएल-एन नेताओं से बातचीत कर रहे हैं।
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पीटीआई सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी
चुनाव नतीजों के बाद पीटीआई की कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें सरकार और संसदीय पदों पर लोगों की नामांकन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर सहमति बनी। पाकिस्तान आम चुनाव में पीटीआई समर्थित 101 निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं और पीटीआई सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पीटीआई ने बयान जारी कर बताया कि उनकी पार्टी को रोकने की कोशिश की गई और अनैतिक तरीके से पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश की गई, लेकिन देश की जनता ने इमरान खान पर विश्वास रखा और अपने वोटों से इमरान खान को देशभक्ति का सर्टिफिकेट दिया है।
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पीटीआई नेताओं ने राष्ट्रपति से की मुलाकात
पीटीआई चुनाव में धांधली का भी आरोप लगा रही है और इसे लेकर उसके नेताओं ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से मुलाकात की। पीटीआई का आरोप है कि चुनाव नतीजों गिनती के दौरान वे एक समय 170 नेशनल असेंबली सीटों पर आगे चल रहे थे, लेकिन इसके बाद पीएमएल-एन के पक्ष में चुनाव को मोड़ दिया गया। पीटीआई ने नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन और बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी पीपीपी के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है।
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पीएमएल-एन 75 और पीपीपी को 54 सीटों पर जीत मिली है। हालांकि इन दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन पर अंतिम फैसला नहीं हो पा रह ाहै। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीपीपी के बिलावल भुट्टो जरदारी और पार्टी के कई अन्य नेता पीएमएल-एन के साथ गठबंधन करने के पक्ष में नहीं हैं और वे चाहते हैं कि पीपीपी, पीटीआई के साथ विपक्ष में बैठे। हालांकि आसिफ अली जरदारी सत्ता में भागीदारी करने के पक्ष में हैं और लगातार पीएमएल-एन नेताओं से बातचीत कर रहे हैं।