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Pakistan: निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों से किया वादा, पाकिस्तान में फरवरी तक हर हाल में होंगे चुनाव
Thu, 31 Aug 2023 03:47 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 31 Aug 2023 03:47 PM IST
सार
पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया है कि आम चुनाव जनवरी के अंत या फरवरी के मध्य तक होंगे, इस बयान के बाद अब देश में चुनावों को लेकर की जा रही आशंकाएं दूर हो गई हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तान में आम चुनावों को लेकर राजनीतिक दल लगातार सरकार और पाकिस्तान चुनाव आयोग पर दबाव बना रहे हैं। शहबाज सरकार समय से पहले भंग हो गई इस कारण 90 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। वहीं, अब पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया है कि आम चुनाव जनवरी के अंत या फरवरी के मध्य तक होंगे, इस बयान के बाद अब देश में चुनावों को लेकर की जा रही आशंकाएं दूर हो गई हैं।
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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) के पार्टी नेता पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) से मिले इसके बाद चुनाव निकाय ने उन्हें फरवरी तक चुनाव कराने का आश्वासन दिया। बुधवार को हुई बैठक की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सिकंदर सुल्तान राजा ने की और इसमें ईसीपी के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। एएनपी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इसके महासचिव इफ्तिखार हुसैन, केंद्रीय प्रवक्ता जाहिद खान और पार्टी नेता खुशदिल खान और अब्दुल रहीम वजीर ने किया।
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ईसीपी ने नई जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का नए सिरे से परिसीमन करने का निर्णय लिया, जिससे आम चुनावों में देरी हुई। चुनाव रोडमैप पर चर्चा के लिए एएनपी प्रतिनिधियों और चुनावी निगरानी के बीच एक परामर्शी बैठक के दौरान, एएनपी ने अनुरोध किया कि यदि 90 दिनों के भीतर चुनाव कराना संभव नहीं है, तो उन्हें चुनाव की तारीख और कार्यक्रम प्रदान किया जाए। पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) ने आगामी चुनावों को लेकर अनिश्चितता खत्म करने के लिए एक दिन पहले इसी तरह की मांग की थी।
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ईसीपी के कार्यक्रम से पता चलता है कि नए सिरे से परिसीमन में लगभग चार महीने लगेंगे, जिसका अर्थ है कि देश में आम चुनाव प्रांतीय और राष्ट्रीय असेंबली के विघटन के 90 दिनों के भीतर नहीं हो सकते हैं। जमात-ए-इस्लामी जैसे राजनीतिक दलों और वकीलों का प्रतिनिधित्व करने वाले पाकिस्तान बार काउंसिल जैसे समूहों ने चुनाव में देरी के कदम की आलोचना की, जिससे चुनाव आयोग को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने एएनपी नेताओं को परिसीमन की समय-सीमा को यथासंभव कम करने का आश्वासन दिया और कहा कि यदि परिसीमन अभ्यास पहले पूरा हो गया तो चुनाव जल्द ही हो सकते हैं, शायद जनवरी के अंत तक। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईसीपी किसी भी पक्ष के दबाव के आगे नहीं झुकेगी और चुनाव किसी भी हालत में फरवरी के मध्य से आगे नहीं बढ़ेंगे।
चुनाव आयोग ने कहा कि पहले से घोषित परिसीमन कार्यक्रम के तहत प्रक्रिया 120 दिनों में (14 दिसंबर तक) पूरी की जानी हैं, हालाँकि यह भी संभव था कि ईसीपी ने परिसीमन की समय-सीमा में कटौती की और अगले कुछ दिनों में संशोधित परिसीमन कार्यक्रम के साथ चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की।