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Pakistan: इमरान खान का गेम ओवर करने का प्लान, चुनाव आयोग ने पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने के लिए उठाया कदम

Tue, 06 Dec 2022 02:19 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, इस्लामाबाद
पीटीआई, इस्लामाबाद Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 06 Dec 2022 02:19 PM IST
सार

डॉन अखबार ने ईसीपी के एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से बताया कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने की कवायद शुरू कर दी गई है।

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Pakistan Election Commission moves to oust Imran Khan as chairman of PTI party
इमरान खान और शहबाज शरीफ - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का गेम ओवर करने की पूरी योजना बना ली है और  इसमें चुनाव आयोग भी पूरी तरह से साथ देता नजर आ रहा है। दरअसल, चुनाव आयोग ने  इमरान खान को तोशखाना मामले में अयोग्य ठहराए जाने के बाद उनके पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डॉन अखबार ने ईसीपी के एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री को नोटिस जारी किया गया है और मामले की सुनवाई 13 दिसंबर को तय की गई है। इससे पहले पाकिस्तान की सरकार ने भी उनके खिलाफ एनएबी और एफआईए में एक साथ अपील दाखिल करने का निर्णय लिया है।

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तोशखाना मामले में चुनाव आयोग ने इमरान खान के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी
बता दें कि तोशखाना मामले में  चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।  दरअसल, सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के सांसदों की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया था कि क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान ने तोशाखाना से अधिकांश सामान बिना भुगतान के ले गए। उन्होंने कथित तौर पर खुद से लिए गए उपहारों का खुलासा नहीं किया और अपने बयानों में जानकारी छुपाई।
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क्या था पूरा मामला?
2018 में सत्ता में आए इमरान खान को आधिकारिक यात्राओं के दौरान अमीर अरब शासकों से महंगे उपहार मिले, जो तोशाखाना में जमा किए गए थे। बाद में उन्होंने उसे प्रासंगिक कानूनों के अनुसार रियायती मूल्य पर खरीदा और उसे भारी मुनाफे पर बेच दिया। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ने सुनवाई के दौरान ईसीपी को बताया कि राज्य के खजाने से खरीदे गए उपहारों की बिक्री से 21.56 करोड़ रुपये का भुगतान कर लगभग 58 लाख रुपये प्राप्त हुए।  उपहारों में, एक महंगी कलाई घड़ी, कफलिंक की एक जोड़ी, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियाँ शामिल थीं। इमरान खान के विरोधी दावा कर रहे हैं कि उन्होंने आयकर रिटर्न में बिक्री दिखाने में विफल रहे। याचिका में मांग की गई थी कि उन्हें पाकिस्तान के संसद सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित किया जाए।
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क्या है पाकिस्तान का कानून?
बता दें, पाकिस्तान के कानून के मुताबिक, किसी विदेशी राज्य के गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी या तोशाखाना में रखा जाना चाहिए। यदि राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है। ये उपहार या तो तोशाखाना में जमा रहते हैं या नीलाम किए जा सकते हैं और इसके माध्यम से अर्जित धन को राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाता है। 

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