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Hindi News ›   World ›   Pakistan Economy Crisis Prime Minister sees more burden on masses as country scrambles to secure IMF deal

Pakistan: आर्थिक संकट के बीच जनता को झेलना पड़ सकता है और अधिक बोझ, IMF की शर्तों को पूरा नहीं कर पा रहा पाक

Wed, 15 Mar 2023 02:57 AM IST
वीरेंद्र शर्मा पीटीआई, इस्लामाबाद
पीटीआई, इस्लामाबाद Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Wed, 15 Mar 2023 02:57 AM IST
सार

प्रधानमंत्री ने कहा, स्थितियों के परिणामस्वरूप जनता पर बोझ पड़ा और उनपर और बोझ पड़ेगा। मैं इसे पूरी तरह से स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा, आईएमएफ की सबसे कठिन शर्तों को पूरा किया गया है और हम कुछ दिनों के भीतर कर्मचारी स्तर के समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।

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Pakistan Economy Crisis Prime Minister sees more burden on masses as country scrambles to secure IMF deal
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ - फोटो : Facebook : @ShehbazSharif

विस्तार

आर्थिक संकट से पाकिस्तानी जनता को अभी और मार झेलनी पड़ सकती है। मंगलवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर और अधिक बोझ पड़ेगा क्योंकि पाकिस्तान 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर के रुके हुए कर्ज को बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्तों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा है।
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आईएमएफ से धनराशि मिलनी जरूरी 
देश वाशिंगटन स्थित अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 1.1 बिलियन अमरीकी डालर की धनराशि का इंतजार कर रहा है। फंड 2019 में आईएमएफ द्वारा स्वीकृत 6.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज का हिस्सा हैं। बिश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान को बाहरी ऋण दायित्वों की चूक से बचने के लिए यह धनराशि मिलनी जरूरी है। 
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इमरान खान आईएमएफ के साथ किए गए वादों से पूरी तरह से मुकरे 
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने निजी मीडिया चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा, धनराशि की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए उनकी आर्थिक टीम और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा संयुक्त प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के एक साल के प्रदर्शन, आर्थिक स्थिति और चुनावों सहित कई राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से बात की। शरीफ ने कहा कि जब वह सत्ता में आए तो उन्हें और उनके सहयोगियों को पता था कि स्थिति बहुत खराब है और पाकिस्तान डिफॉल्ट के कगार पर है। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि इमरान खान आईएमएफ के साथ किए गए वादों से पूरी तरह से मुकर गए है। 
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जनता पर पड़ेगा और अधिक बोझ 
प्रधानमंत्री ने कहा, स्थितियों के परिणामस्वरूप जनता पर बोझ पड़ा और उनपर और बोझ पड़ेगा। मैं इसे पूरी तरह से स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा, आईएमएफ की सबसे कठिन शर्तों को पूरा किया गया है और हम कुछ दिनों के भीतर कर्मचारी स्तर के समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए सरकार ने बेनजीर आय सहायता कार्यक्रम के जरिए राहत देने का फैसला किया है।

युद्ध और बाढ़ भी महंगाई के लिए जिम्मेदार
प्रधानमंत्री ने कहा, यूक्रेन युद्ध के कारण हुई आयातित मुद्रास्फीति ने भी उर्वरक और तेल की कीमतों में वृद्धि के रूप में देश को प्रभावित किया। इसके अलावा, बाढ़ ने राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित किया। उन्होंने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के शर्मनाक झूठ ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा शासन परिवर्तन के बारे में अनिश्चितता पैदा की। चीन जैसे मित्र देश पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हैं, भले ही इमरान खान ने उनके भाईचारे के संबंधों को चोट पहुंचाई हो।



अमेरिकी बैंक की पाक को चेतवानी, आईएमएफ से धन करे सुरक्षित
 
संयुक्त राज्य अमेरिका के यूनाइटेड स्टेट्स बैंक ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उसने जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से धन सुरक्षित नहीं किया तो उसे ऋण अदायगी को रोकना होगा। बैंक ने यह भी कहा कि चीन, जिसे पाकिस्तान का करीबी सहयोगी कहा जाता है, देश के साथ घनिष्ठ संबंधों के कारण देश को बचा सकता है। बैंक की विशेषज्ञों की टीम, जिसमें इसके अर्थशास्त्री कैथलीन ओह भी शामिल हैं, ने लिखा चीन के पास निकट अवधि में राहत की कुंजी है क्योंकि यह सबसे बड़ा लेनदार है। चीन और पाकिस्तान के बीच घनिष्ठ संबंध हैं, ऐसे में चीन के सहयोग करने की उम्मीद बढ़ रही है।
 
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