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Hindi News ›   World ›   Pakistan does not adhere to 'no first use' of nuclear weapons policy: ex-Army official

Pakistan: ‘हम परमाणु हथियारों को लेकर बनाई गई नीति का पालन नहीं करते’, पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी ने कहा

Thu, 30 May 2024 07:16 PM IST
मिथिलेश नौटियाल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Thu, 30 May 2024 07:16 PM IST
सार

Pakistan: लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) खालिद अहमद किदवई ने कहा कि पाकिस्तान परमाणु हथियारों को लेकर बनाई गई नीति का पालन नहीं करता। उन्होंने कहा कि परमाणु ताकतों से दुश्मनों को कराया जवाब दिया जा सकता है।

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Pakistan does not adhere to 'no first use' of nuclear weapons policy: ex-Army official
पाकिस्तान का झंडा - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान के एक पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने परमाणु हथियारों को लेकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि पाकिस्तान उस नीति का पालन नहीं करता, जिसमें परमाणु हथियारों पहले इस्तेमाल न करने (No first use) की बात कही गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान के पास ऐसी ताकतें हैं, जिनसे दुश्मनों को करारा जवाब दिया जा सकता है।

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‘दुश्मनों से पाकिस्तान की रक्षा के लिए परमाणु हथियार’
ये बातें लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) खालिद अहमद किदवई ने कहीं हैं। सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्ट्रेटेजिक स्टडी (सीआईएसएस) में पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण की 26वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक समारोह के दौरान उन्होंने इन बातों पर जोर दिया। जनरल किदवई ने आगे कहा कि ये हथियार किसी विनाशकारी परमाणु युद्ध के लिए नहीं बल्कि दुश्मनों से पाकिस्तान की रक्षा करने के लिए हैं। 
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'पाकिस्तान की परमाणु क्षमता सक्रिय रूप से तैयार'
पाकिस्तान हमेशा से परमाणु हथियारों पहले इस्तेमाल न करने (No first use) की नीति को लेकर अस्पष्ट रहा है। किदवई ने आगे कहा ‘भले ही भारतीय नेतृत्व इस नीति को लेकर विचार विमर्श करे लेकिन पाकिस्तान में इसे लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। चाहे वह दुश्मन हो या दोस्त, पाकिस्तान की परमाणु क्षमता सक्रिय रूप से तैयार है। यह परमाणु क्षमता प्रत्येक पाकिस्तानी नेता को भारत की आंखों में आंखें डालकर बात करने का साहस प्रदान करती है।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान के पास दुश्मन को जवाब देने के लिए आधुनिक तकनीक के हथियार मौजूद हैं। 
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बता दें कि भारत के पोखरण परमाणु परीक्षण का जवाब देने के लिए पाकिस्तान ने 28 मई 1998 को बलूचिस्तान प्रांत में परमाणु परीक्षण किया था।

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